UNGA में नेतन्याहू का संबोधन, गाजा और ईरान पर खुलकर बोले; दुनिया भर के यहूदियों से कहा- ‘डरें नहीं, डटकर खड़े हों’
नई दिल्ली: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने गाजा में जारी संघर्ष, ईरान के खिलाफ इजरायल की सैन्य कार्रवाई और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में यहूदियों के खिलाफ बढ़ते विरोध को लेकर अपनी बात रखी। नेतन्याहू के संबोधन से पहले बड़ी संख्या में राजनयिकों ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट किया। इसके बावजूद उन्होंने अपना भाषण जारी रखा और आलोचकों पर निशाना साधा।
‘अगर कोई और नैतिक कायर है तो बाहर चला जाए’
नेतन्याहू के मंच पर पहुंचने से पहले ही कई देशों के प्रतिनिधि सदन से बाहर निकल गए। यह वॉकआउट इजरायल की गाजा और वेस्ट बैंक से जुड़ी नीतियों के विरोध के तौर पर देखा गया। हॉल से प्रतिनिधियों के बाहर जाने के दौरान कुछ इजरायल समर्थकों ने तालियां बजाईं और ‘अम इस्रायल चाई’ के नारे लगाए।
इसके बाद नेतन्याहू ने सदन में मौजूद अपने आलोचकों पर तंज कसते हुए कहा कि अगर कोई और “नैतिक कायर” अभी भी हॉल में मौजूद है तो वह भी बाहर चला जाए।
ईरान पर सैन्य कार्रवाई को बताया जरूरी
अपने भाषण में नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने ईरान की परमाणु सुविधाओं पर इजरायली कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि इन्हें नष्ट करने का फैसला उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल के सबसे आसान फैसलों में से एक था, क्योंकि उनके मुताबिक ऐसा नहीं किया जाता तो इजरायल के सामने गंभीर खतरा पैदा हो सकता था।
उन्होंने गाजा में इजरायल पर लगाए जा रहे नरसंहार के आरोपों को भी खारिज किया और इन्हें “सदी का सबसे बड़ा झूठ” बताया। नेतन्याहू ने हमास पर नागरिकों को मानव ढाल के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। ये उनके अपने दावे हैं, जबकि गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर आरोप और विवाद जारी हैं।
दुनिया भर के यहूदियों को दिया संदेश
अपने भाषण के दौरान नेतन्याहू ने दुनिया भर में यहूदियों के खिलाफ बढ़ते विरोध और यहूदी-विरोधी घटनाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यहूदियों को डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अब हालात पहले जैसे नहीं हैं।
नेतन्याहू ने कहा कि आज यहूदियों के पास अपना देश और अपनी सेना है और इजरायल अपनी रक्षा करने में सक्षम है। उन्होंने दुनिया भर के यहूदियों से सिर ऊंचा रखने, गर्व और आत्मविश्वास के साथ खड़े रहने तथा डरने के बजाय मजबूती से सामना करने की अपील की।
उन्होंने उन लोगों से भी इजरायल के साथ खड़े होने का आह्वान किया, जो उनके अनुसार सत्य और न्याय की रक्षा करना चाहते हैं।
ईरान को लेकर किया बड़ा दावा
नेतन्याहू ने ईरान के भविष्य को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान में जल्द ही “कुछ अविश्वसनीय” हो सकता है और वहां की जनता अपने भविष्य को लेकर बदलाव ला सकती है। उन्होंने ईरान की मौजूदा सरकार की आलोचना करते हुए उसके भविष्य पर भी सवाल उठाए।
नेतन्याहू का यह भाषण ऐसे समय में हुआ है जब गाजा और ईरान से जुड़े संघर्षों को लेकर संयुक्त राष्ट्र में इजरायल की नीतियों पर तीखी अंतरराष्ट्रीय बहस जारी है और उनके संबोधन के दौरान कई देशों के प्रतिनिधियों का वॉकआउट भी चर्चा का प्रमुख विषय रहा।
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