दिल्ली और एनसीआर में एक बार फिर वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंच गई है, जिसके चलते ग्रैप-3 (GRAP-3) लागू कर दिया गया है। राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) आज सुबह बढ़कर 401 दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले यह 349 था। रातभर प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा, जिससे दिल्ली और आसपास के नोएडा सहित कई इलाकों में स्मॉग की घनी परत छा गई। खराब हवा के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत और घुटन महसूस हुई।
क्यों लागू किया गया GRAP-3
कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) की ग्रैप सब-कमेटी की सिफारिश पर GRAP-3 को लागू करने का फैसला लिया गया। इसका मुख्य उद्देश्य वायु प्रदूषण को और बिगड़ने से रोकना और AQI को नियंत्रित स्तर पर लाना है। विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बढ़ते प्रदूषक तत्व, हवा की रफ्तार कम होना और प्रतिकूल मौसम की वजह से हालात तेजी से खराब हुए हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए ग्रैप-1 और ग्रैप-2 से ज्यादा सख्त पाबंदियों वाला ग्रैप-3 लागू किया गया है। इसके तहत एनसीआर के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित एजेंसियों को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
GRAP-3 के तहत कौन-कौन सी पाबंदियां
ग्रैप-3 लागू होते ही कई गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। कक्षा 5 तक के सभी स्कूलों में पढ़ाई ऑनलाइन मोड में कराई जाएगी। निर्माण और तोड़-फोड़ से जुड़े सभी काम बंद रहेंगे। डीजल से चलने वाली बसों और अन्य वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध रहेगा। सीमेंट और मिट्टी से जुड़े कार्यों पर रोक होगी, साथ ही इन सामग्रियों की लोडिंग और डिलीवरी करने वाले ट्रकों की आवाजाही भी बंद रहेगी।
धूल नियंत्रण के लिए सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाएगा। आपात सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर चलाने की अनुमति नहीं होगी। वहीं, निजी कंपनियों के कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम या हाइब्रिड मोड में काम करने की सलाह दी गई है, ताकि सड़कों पर वाहनों की संख्या कम हो सके।






