रांची: झारखंड की राजधानी रांची में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की आज राज्य सरकार के मंत्रियों के साथ बैठक होगी। सुबह 10 बजे स्टेट गेस्ट हाउस में होने वाली इस बैठक में छात्रों की मांगों और उनके आरोपों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में सरकार की ओर से छात्रों की समस्याएं सुनी जाएंगी और इसके बाद उन पर आगे की कार्रवाई को लेकर फैसला लिया जा सकता है।
प्रदर्शनकारी छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत खराब होने के कारण वह खुद बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे। उनकी जगह उनका प्रतिनिधिमंडल सरकार के मंत्रियों से मुलाकात करेगा।
सरकार ने छात्रों से मांगे लिखित सबूत
छात्र प्रतिनिधिमंडल और सरकार के बीच शुक्रवार को भी लंबी बैठक हुई थी। इस दौरान छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों को सरकार ने लिखित रूप में उपलब्ध कराने को कहा। सरकार ने कथित धांधली से जुड़े आरोपों और उसके समर्थन में सबूत भी लिखित तौर पर मांगे हैं।
छात्र प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि अगले एक-दो दिनों में आरोप पत्र और संबंधित सबूत सरकार को सौंप दिए जाएंगे। इसके बाद सरकार की ओर से मामले पर जवाब दिया जाएगा।
हालांकि, छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव करने का जो आह्वान किया था, उसे अभी वापस नहीं लिया है।
स्टेट गेस्ट हाउस में होगी बैठक
रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच के 8 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल की सरकार के साथ वार्ता होगी। ये छात्र 2 जुलाई को JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाने के बाद 5 जुलाई से लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
छात्रों का अनिश्चितकालीन सत्याग्रह भी जारी है। वहीं, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले छह दिनों से प्रदर्शनकारियों के समर्थन में भूख हड़ताल पर हैं।
‘हमारी सभी मांगें समान हैं’
छात्र नेता और JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि उन्हें टीम की ओर से जानकारी मिली है कि उनका प्रतिनिधिमंडल सुबह 10 बजे वार्ता के लिए जाएगा। उन्होंने कहा कि बातचीत के लिए कितने लोग जा रहे हैं, यह महत्वपूर्ण नहीं है, क्योंकि सभी छात्रों की मांगें समान हैं और सरकार को उन्हें पूरा करना चाहिए।
वहीं, प्रदर्शनकारी छात्र प्रेम ने अपनी तबीयत का हवाला देते हुए कहा कि उनका शुगर और ब्लड प्रेशर काफी कम हो गया है और डॉक्टर ने उन्हें पानी पीने की सलाह दी है। उन्होंने सरकार पर आंदोलन को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया।
प्रेम ने कहा कि छात्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे बातचीत करना चाहते हैं। उन्होंने मांग की कि बातचीत पारदर्शी तरीके से हो और उसे रिकॉर्ड किया जाए। उनका कहना है कि वार्ता बंद कमरे में होने के बजाय खुले में और मीडिया की मौजूदगी में होनी चाहिए।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारी छात्र कुश महतो ने बताया कि छात्रों की ओर से प्रतिनिधिमंडल के लिए लोगों का चयन किया गया है और बातचीत देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में होगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार छात्रों की मांगों को नहीं मानती है तो भूख हड़ताल जारी रहेगी। कुश महतो ने कहा कि लगातार आंदोलन और भूख हड़ताल के कारण छात्रों की शारीरिक स्थिति कमजोर हो रही है, लेकिन उनका हौसला अभी कायम है।
उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस बार छात्रों की मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लेते हैं, तो पूरे झारखंड के छात्र आंदोलन और भूख हड़ताल में शामिल हो सकते हैं।







