यह दक्षिण अफ्रीकी कोडर नौ साल तक बेरोज़गार रहा, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की डिग्री होने के बावजूद।
फिर यूट्यूब ने उसे वह दिया, जो उसकी डिग्री नहीं दे सकी।
मैथ्यू म्सिंगाथी ने 2014 में ग्रेजुएशन पूरा किया। वह काम करने के लिए पूरी तरह तैयार था। लेकिन हकीकत अलग थी। हर जगह से रिजेक्शन मिला। हर बार एक ही जवाब
“आपके पास अनुभव नहीं है।”
नौकरी की तलाश में वह तीन अलग अलग प्रांतों में घूमता रहा। डेवलपर की हर वैकेंसी पर अप्लाई किया। कहीं से भी हां नहीं मिली।
समस्या उसकी योग्यता नहीं थी। समस्या यह थी कि अनुभव पाने के लिए मौका चाहिए था और मौका पाने के लिए अनुभव।
तब मैथ्यू ने एक ऐसा रास्ता चुना जो ज़्यादातर लोग नहीं चुनते।
उसने यूट्यूब चैनल शुरू किया।
पैसे के लिए नहीं।
व्यूज़ के लिए नहीं।
सिर्फ यह साबित करने के लिए कि उसे सच में कोडिंग आती है।
उसने लगभग 400 वीडियो अपलोड किए।
कोई मॉनिटाइजेशन नहीं।
कोई ऑडियंस नहीं।
कोई इनकम नहीं।
लेकिन धीरे धीरे यूट्यूब उसकी डिग्री से बड़ा बनता गया।
यूट्यूब उसका रिज़्यूमे बन गया।
एक दिन साउथ अफ्रीका की एक म्यूज़िक ऐप कंपनी Fyve ने उसे टेक्निकल चैलेंज दिया।
मैथ्यू ने सिर्फ कोड सबमिट नहीं किया।
उसने पूरा सॉल्यूशन वीडियो में समझाया।
स्टेप बाय स्टेप।
और उस वीडियो को अपने यूट्यूब चैनल पर डाल दिया।
कंपनी ने वीडियो देखा।
उसकी सोच देखी।
उसका तरीका देखा।
और उसे उसकी पहली डेवलपर जॉब मिल गई।
ग्रेजुएशन के पूरे नौ साल बाद।
यहीं मैथ्यू को समझ आया कि यूट्यूब ने असल में क्या किया था।
उसने “अनुभव की कमी” को “दिखने वाला अनुभव” बना दिया था।
ऐसा अनुभव जिसे कोई भी देख सकता था।
परख सकता था।
इसके बाद एक वीडियो वायरल हुआ।
फ्रीलांस क्लाइंट्स आने लगे।
कनाडा की एक कंपनी ने उसे पूरा मोबाइल ऐप बनाने का काम दिया।
उसका कोर्स freeCodeCamp पर आया, जहां 11 मिलियन से ज़्यादा सब्सक्राइबर हैं।
यह सब किसी डिग्री की वजह से नहीं हुआ।
बल्कि इसलिए हुआ क्योंकि यूट्यूब ने दुनिया को दिखा दिया कि वह काम कर सकता है।
आज मैथ्यू Finenks नाम का एक फ्री इनवॉइसिंग प्लेटफॉर्म बना रहा है। छोटे बिज़नेस के लिए। पूरी दुनिया के लिए। वह इसे VLC Media Player की तरह बना रहा है
पूरी तरह फ्री और सबसे ज़्यादा असर वाला।
संघर्ष कर रहे ग्रेजुएट्स के लिए उसका संदेश साफ है
“मौकों का इंतज़ार करना बंद करो।
स्किल्स बनाओ।
अपने ग्रोथ की ज़िम्मेदारी खुद लो।
और अपनी ज़िंदगी खुद डिज़ाइन करो।”
कभी कभी डिग्री आपको कहीं नहीं ले जाती।
लेकिन 400 यूट्यूब वीडियो
एक ऐसा पोर्टफोलियो बन जाते हैं
जिसे कोई भी एम्प्लॉयर नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता।






