नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा हाल ही में पीएम मोदी और आरएसएस की तारीफ किए जाने से पार्टी अभी असहज स्थिति से पूरी तरह उबर भी नहीं पाई थी कि अब एक और बयान ने कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पार्टी नेता प्रवीण चक्रवर्ती ने उत्तर प्रदेश की तारीफ करते हुए तमिलनाडु की वित्तीय स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे सियासी हलकों में नई बहस छिड़ गई है।
प्रवीण चक्रवर्ती ने तमिलनाडु पर बढ़ते कर्ज को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य का कुल कर्ज अब उत्तर प्रदेश से ज्यादा हो गया है। उन्होंने दावा किया कि कर्ज के मामले में उत्तर प्रदेश की स्थिति तमिलनाडु की तुलना में बेहतर है और यूपी पर कर्ज का बोझ अपेक्षाकृत कम है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। गौरतलब है कि तमिलनाडु की सत्तारूढ़ डीएमके, इंडिया गठबंधन की एक अहम सहयोगी है, ऐसे में कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी गठबंधन के भीतर असहजता बढ़ाने वाली मानी जा रही है।
चक्रवर्ती ने तमिलनाडु की आर्थिक स्थिति को “खतरनाक” बताते हुए कहा कि राज्य पर बकाया कर्ज उत्तर प्रदेश से अधिक है। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ दिन पहले TVK नेता आधव अर्जुन ने कांग्रेस के साथ भविष्य में गठबंधन के संकेत दिए थे, जिससे तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई है।
सोशल मीडिया पर क्या कहा प्रवीण चक्रवर्ती ने?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए प्रवीण चक्रवर्ती ने लिखा कि पिछले कुछ वर्षों में तमिलनाडु का कर्ज उत्तर प्रदेश से ज्यादा हो गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य पर ब्याज का बोझ देश में सबसे अधिक है और कर्ज-से-जीडीपी अनुपात अब भी कोविड-पूर्व स्तर से काफी ऊपर बना हुआ है।
प्रवीण चक्रवर्ती का यह बयान डीएमके सांसद कनिमोझी की टिप्पणी के जवाब में आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि डीएमके सरकार ने कर्ज के बोझ से दबे तमिलनाडु को एक विकसित और विकासोन्मुख राज्य में बदल दिया है।
डीएमके का पलटवार
प्रवीण चक्रवर्ती के बयान पर डीएमके नेताओं की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। डीएमके नेता एमएम अब्दुल्ला ने उन पर डर फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य द्वारा लिया गया कर्ज पूंजी निवेश और परिसंपत्ति निर्माण के लिए है। उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था में 39 फीसदी की वृद्धि हुई है और अब यह 17.3 लाख करोड़ रुपये की हो चुकी है।
कांग्रेस के भीतर भी सवाल
इस बयान के बाद डीएमके की आलोचना के साथ-साथ कांग्रेस के अंदर भी प्रवीण चक्रवर्ती की टिप्पणी पर सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस सांसद जोशिमणि ने कहा कि तमिलनाडु की तुलना उत्तर प्रदेश से करना उचित नहीं है।
बीजेपी ने किया समर्थन
वहीं, भाजपा ने प्रवीण चक्रवर्ती के बयान का समर्थन किया है। तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष अन्नामलाई ने आरोप लगाया कि डीएमके आंकड़ों को तोड़-मरोड़कर पेश करती है। उन्होंने दावा किया कि डीएमके के शासनकाल में तमिलनाडु का कर्ज दोगुना हो गया है। साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या कांग्रेस नेता का यह बयान इंडिया गठबंधन के भीतर बढ़ते तनाव का संकेत है।






