अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी द्वारा दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद को लिखी गई चिट्ठी को लेकर सियासी विवाद गहराता जा रहा है। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई है और इसे भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करार दिया है। वहीं, भाजपा ने इस पूरे प्रकरण को लेकर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
दरअसल, अमेरिकी सांसदों के एक समूह ने भी हाल ही में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा को पत्र लिखकर उमर खालिद के लिए निष्पक्ष और समयबद्ध सुनवाई की मांग की थी। इसके बाद से यह मामला और तूल पकड़ता जा रहा है।
क्या है मामला?
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने तिहाड़ जेल में बंद उमर खालिद को एक चिट्ठी लिखी है। पत्र में उन्होंने लिखा, “प्रिय उमर, मैं अक्सर आपके उन शब्दों को याद करता हूं, जिनमें आपने कड़वाहट को खुद पर हावी न होने देने की बात कही थी। आपके माता-पिता से मिलकर खुशी हुई। हम सभी आपके लिए चिंतित हैं।”
बताया जा रहा है कि उमर खालिद के पिता कासिम रसूल इलियास हाल ही में अमेरिका गए थे, जहां उनकी मुलाकात जोहरान ममदानी से हुई थी।
राहुल गांधी पर भाजपा का हमला
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क का मेयर बनने के बाद रामज़ी कासिम को शहर का मुख्य वकील नियुक्त किया, जिनका नाम पहले भी विवादित मामलों से जुड़ा रहा है।
भंडारी ने दावा किया कि यह घटनाक्रम महज संयोग नहीं, बल्कि एक “वैचारिक नेटवर्क” का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशों में जब-जब भारत विरोधी बयान या गतिविधियां सामने आती हैं, उसमें राहुल गांधी से जुड़ी कड़ियां दिखाई देती हैं।
भारत इसे बर्दाश्त नहीं करेगा: भाजपा
भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि भारत की संप्रभुता पर किसी भी तरह की चुनौती को स्वीकार नहीं किया जाएगा। भाटिया ने कहा, “140 करोड़ भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एकजुट हैं। देश को अपनी न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। कोई बाहरी व्यक्ति भारत के लोकतंत्र, न्याय प्रणाली या आंतरिक मामलों में दखल नहीं दे सकता, खासकर ऐसे व्यक्ति के समर्थन में जिस पर गंभीर आरोप हैं।”
भाजपा का कहना है कि भारत के खिलाफ दुष्प्रचार या हस्तक्षेप की किसी भी कोशिश को देश बर्दाश्त नहीं करेगा।





