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“गंगोत्री-मानसरोवर के पवित्र जल से होगा विश्व के सबसे ऊँचे शिवलिंग का अभिषेक, 17 जनवरी को कैथवलिया में स्थापना”

# गंगोत्री और मानसरोवर के पवित्र जल से किया जाएगा विश्व के सबसे ऊँचे शिवलिंग का अभिषेक, हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा होगी; दो क्विंटल से अधिक बताशों से प्रसाद तैयार किया जाएगा

# मोतिहारी जिले के कल्याणपुर प्रखंड के कैथवलिया गांव में 17 जनवरी को विश्व के सबसे ऊंचे शिवलिंग की स्थापना होने जा रही है। इस अवसर पर मानसरोवर, गंगोत्री, यमुनोत्री, हरिद्वार सहित पांच पवित्र नदियों के जल से शिवलिंग का भव्य अभिषेक किया जाएगा, जिसके लिए हेलिकॉप्टर की व्यवस्था की गई है।

# शिवलिंग को स्थापित करने के लिए भोपाल से 750-750 टन क्षमता वाली दो अत्याधुनिक क्रेन मंगाई गई हैं, जो 15 जनवरी तक कैथवलिया पहुंचेंगी। इन्हीं क्रेनों की सहायता से विशाल शिवलिंग को विधिवत खड़ा किया जाएगा।

# पटना के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के सचिव सायन कुणाल के अनुसार, इस विशेष अनुष्ठान के लिए हरिद्वार और पटना से अनुभवी आचार्यों को आमंत्रित किया गया है। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ पूजा के बाद शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। इसके उपरांत देश की प्रमुख तीर्थ नदियों से लाए गए पवित्र जल को हेलिकॉप्टर के माध्यम से शिवलिंग पर अर्पित किया जाएगा।

# धार्मिक मान्यताओं के अनुसार 17 जनवरी का दिन अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि इसी तिथि को भगवान शिव के लिंग रूप में प्रकट होने की मान्यता है। इस भव्य आयोजन में बिहार और उत्तर प्रदेश के अनेक प्रमुख साधु-संतों की उपस्थिति भी रहेगी।

शिवलिंग की स्थापना के अवसर पर हेलिकॉप्टर के माध्यम से पुष्पवर्षा की जाएगी। पूजा में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं के लिए दो क्विंटल से अधिक बताशों का प्रसाद तैयार किया जा रहा है।

# शिवलिंग स्थापना से जुड़ा पूजा कार्यक्रम सुबह आठ बजे आरंभ होगा, जो दस बजे तक चलेगा। इसके बाद दस से साढ़े दस बजे तक विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किया जाएगा। दोपहर साढ़े बारह बजे विधि-विधान के साथ शिवलिंग की स्थापना की जाएगी।

# सुरक्षा व्यवस्था के तहत शिवलिंग के चारों ओर छह फीट का घेराव किया गया है, जहां आम लोगों के प्रवेश पर रोक रहेगी। इस भव्य समारोह में बिहार के राज्यपाल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा दोनों उपमुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

# शिवलिंग का निर्माण करने वाली कंपनी के संस्थापक विनायक वेंकटरमण ने बताया कि इस भव्य शिवलिंग को तैयार करने में लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत आई है। यह विशाल शिवलिंग एक ही ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित है।

# 33 फीट ऊंचा और करीब 210 मीट्रिक टन वजनी यह शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम स्थित पट्टीकाडु गांव में पिछले दस वर्षों से तैयार किया जा रहा था। इसके प्रमुख शिल्पकार लोकनाथ हैं, जिनकी टीम ने इसे बारीकी से तराशा है।

# 21 नवंबर को इस शिवलिंग को सड़क मार्ग से महाबलीपुरम से पूर्वी चंपारण के विराट रामायण मंदिर के लिए रवाना किया गया। प्रस्थान से पूर्व विधिवत पूजा-अर्चना की गई, जिसमें आसपास के गांवों के लोग भी शामिल हुए।

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Author: sssrknews

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