कटाक्ष :
ये जो है, इसका नाम Joe है। इसको एक गंभीर बीमारी है। इस बीमारी में जबतक मर्द की सोहबत न मिले तबतक चैन नहीं मिलता।
नहीं मज़ाक की बात नहीं, निम्फोमेनिया वाकई एक बीमारी है जिससे पीड़ित महिला को हर दिन कम से कम दस-बारह बार संभोग करने की इच्छा होती है। ये इच्छा धीरे-धीरे बढ़ती जाती है। इस इच्छा में ईमोशनल कनेक्शन नहीं होता, बस जिंसी भूख होती है।
खैर, फ़िल्म का रिव्यू फिर कभी करेंगे लेकिन फ़िलहाल एक मज़ेदार सीन पढ़िए –
Joe एक समय में 10-12 मर्दों से संबंध बना लेती है। सबको यही लगता है कि वह उससे प्रेम करती है। अब ‘जो’ को जॉब भी करनी है, इस दौरान उसके घर पर जीतने भी फोन आते हैं, वह ऑटो औडियो रिकॉर्डर में सेव हो जाते हैं। अब इतने लोगों के मैसेज, सबको जवाब भी देना है, किसी से ईमोशनल अटैच्मन्ट भी नहीं है; ऐसे में क्या जवाब दें?
तो ‘जो’ इसका एक तरीका निकालती है, वो हर कॉल करने वाले का नाम एक नोटपैड पर लिखती है फिर ग्लास में dice यानी पासा हिलाकर टेबल पर डालती है। अगर 1 आया तो बहुत बुरी तरह से बात करेगी, उसको बोल देगी कि अब हमारे बीच कोई रिश्ता नहीं है।
लेकिन 6 आया तो बहुत प्यार से बात करेगी, उसको सेम डे घर बुला लेगी।
किससे कैसे बात करनी है ये पासा तय करेगा, लड़कों की किस्मत गिट्टे से तय होगी।
मुझे इस सीन को देख हँसी इसलिए आई कि वर्ल्ड पॉलिटिक्स में एक देश का लीडर भी ऐसा ही है, वो भी शायद ताश के पत्ते फेंटकर या पुगम-पुगाई करके तय करता है कि किस दिन प्रेस से किस वर्ल्ड लीडर के बारे में क्या बात करनी है।
एक दिन कहेगा कि वो मुझे खुश करना चाहते हैं, दूसरे दिन कहेगा कि असल में खुश तो वो खुद नहीं है, मैं उसे खुश करूँगा, तीसरे दिन कहेगा कि मुझे खुश नहीं किया तो 500 का चालान काट दूँगा, दूसरे दिन कहेगा कि अरे फोन तो उठाओ… मैं तो कहता हूँ दोनों भाई पर्ची निकालकर फ़ैसला कर लेते हैं।
क्या आप जानते हैं ऐसे लीडर का क्या नाम है?
साभार : सिद्धार्थ अरोरा ‘सहर’






