नई दिल्ली: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान आज भारत के दौरे पर आ रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। इस अवसर पर वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। यूएई राष्ट्रपति की यह भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है जब पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका संबंध तनावपूर्ण हैं, यमन में सऊदी अरब और UAE के बीच मतभेद बढ़े हैं और गाजा क्षेत्र में अस्थिर राजनीतिक स्थिति बनी हुई है।
मुख्य चर्चा के मुद्दे
सूत्रों के अनुसार, दोनों देश व्यापार, निवेश, रक्षा उद्योग सहयोग और ऊर्जा पहलों पर बातचीत करेंगे। इसके अलावा, वर्तमान पश्चिम एशिया की जटिल परिस्थितियों पर भी नेताओं के बीच विचार-विमर्श होने की संभावना है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि पीएम मोदी के निमंत्रण पर शेख मोहम्मद की यह भारत की तीसरी आधिकारिक यात्रा होगी, जबकि पिछले 10 वर्षों में यह उनकी पांचवीं यात्रा है।
दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी
2022 में हस्ताक्षरित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) इस सहयोग को और मजबूती देने वाला साबित हुआ है। CEPA के तहत हजारों उत्पादों पर शुल्क कम किए गए हैं, जिससे भारतीय इंजीनियरिंग सामान, फार्मास्यूटिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात बढ़ा है। इसके साथ ही भारत के बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में UAE का निवेश आसान हुआ है।
द्विपक्षीय व्यापार 2025 तक नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है, जिसमें गैर-तेल व्यापार की पहली छमाही में लगभग 37.6 अरब डॉलर की वृद्धि हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 34% ज्यादा है। यह संकेत है कि दोनों देश 2030 तक गैर-तेल व्यापार में 100 अरब डॉलर का महत्वाकांक्षी लक्ष्य हासिल करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं।






