मामला त्रिपुरा का बताया जा रहा है…
जहां एक गाँव में पहले कुछ कंग्लादेशी घुसपैठिए आकर बस गए…. फिर उनके पिछे थोड़े और आये…
धीरे धीरे करके घुसपैठियों ने अपने 40 घर बसा लिये…!!
अब तक ठीक चल रहा था लेकिन फिर पांच टाइम इबादत की इमारत भी बना ली और सभी लोग यहां इक्कठे होने लगे फिर धीरे-धीरे गाँव के लोगों पर गुंडई… चोरी चकारी चालू हुई
तब गांव के लोगों की आंखें खुली और सोचा अगर आज कुछ नहीं किया तो आने वाले समय में हमें गांव छोड़कर भागना पड़ेगा
फिर इस समस्या के छुटकारा पाने के लिए आसपास के गाँव वालों की मीटिंग हुईं और सभी युवा युवा एकजुट हुए
10 जनवरी को पांच टाइम इमारत फूँ@क के स्वाहा की
सारे अवैध घरों को समतल कर दिया
घुसपैठियों को वापस खदेड़ दिया
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अब उस गांव में पहले की तरह सब शांति शांति है !!
सारे काम सरकार नहीं कर सकती कुछ काम जनता खुद कर देती है
कम से कम अवैध घुसपैठियों को अपने गांव में ना बसने दे इतना काम तो जनता को करना ही चाहिए !!






