इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश की आर्थिक स्थिति को लेकर अपनी बेबसी खुलकर जाहिर की है। उन्होंने कहा कि जब उन्हें अपने देश के लिए दुनिया भर में कर्ज और आर्थिक मदद मांगनी पड़ती है, तो गहरी शर्मिंदगी महसूस होती है। शहबाज शरीफ ने माना कि फील्ड मार्शल असीम मुनीर के साथ विदेशी दौरों पर जाकर मदद की गुहार लगाना पाकिस्तान के आत्म-सम्मान को ठेस पहुंचाता है।
इस्लामाबाद में बड़े निर्यातकों और कारोबारियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बढ़ता कर्ज देश की गरिमा पर भारी पड़ रहा है और इससे बाहर निकलने के लिए नई और ठोस आर्थिक रणनीतियों की सख्त जरूरत है।
‘कई बातों को मना भी नहीं कर पाते’
स्थानीय ब्रॉडकास्टर ए1 टीवी से बातचीत में शहबाज शरीफ ने कहा,
“हमें बेहद शर्म महसूस होती है जब फील्ड मार्शल असीम मुनीर और मैं दुनिया भर में जाकर पैसों की भीख मांगते हैं। कर्ज लेना हमारे आत्म-सम्मान पर बहुत बड़ा बोझ बन चुका है। कई बार हम उन बातों को भी मना नहीं कर पाते, जिन्हें हम करना नहीं चाहते।”
गौरतलब है कि पाकिस्तान अपने खर्च चलाने के लिए बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की मदद पर निर्भर है। भारी कर्ज में डूबे होने के बावजूद पाकिस्तान लगातार नए कर्ज की तलाश में जुटा हुआ है।
चीन और अरब देशों की सराहना
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस दौरान चीन को पाकिस्तान का “हमेशा साथ देने वाला दोस्त” बताया। साथ ही उन्होंने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर की भी जमकर तारीफ की। शहबाज ने कहा कि ये देश अच्छे-बुरे हर दौर में पाकिस्तान के साथ खड़े रहे हैं।
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था इन देशों से मिलने वाली आर्थिक सहायता पर काफी हद तक निर्भर है, जो विदेशी मुद्रा भंडार को संभालने और देश को दिवालिया होने से बचाने में अहम भूमिका निभाती है। बीते वर्षों में चीन और अरब देशों ने पाकिस्तान को भारी कर्ज दिया है, यही वजह है कि पाकिस्तान इन देशों के खिलाफ किसी भी कीमत पर सख्त रुख अपनाने से बचता रहा है।






