Iran-US Peace Talks: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ जारी शांति वार्ता के बीच बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि इस्लामाबाद में समझौते पर हस्ताक्षर होते हैं, तो वह पाकिस्तान जाने पर विचार कर सकते हैं। गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका-ईरान समझौता अंतिम चरण में पहुंच सकता है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता पर ट्रंप की प्रतिक्रिया
ट्रंप के अनुसार, Pakistan इस वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और उसकी कोशिशें “काफी रचनात्मक” रही हैं। उन्होंने कहा, “अगर डील इस्लामाबाद में साइन होती है, तो मैं वहां जा सकता हूं। वे चाहते हैं कि मैं वहां आऊं।” ट्रंप ने पाकिस्तानी प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मध्यस्थों ने “बेहतरीन काम” किया है।
जल्द हो सकता है समझौता
ट्रंप ने वार्ता को लेकर आशावादी रुख जताते हुए कहा कि अमेरिका और Iran के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है और समझौते की घोषणा जल्द हो सकती है। उनका दावा है कि अगर यह डील होती है, तो इसके व्यापक आर्थिक फायदे होंगे—जैसे तेल की कीमतों में गिरावट और Strait of Hormuz में तनाव कम होना।
ऊर्जा कीमतों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में ईंधन के दामों में गिरावट के संकेत दिखे हैं। साथ ही उन्होंने महंगाई को लेकर भी दावा किया कि वह इसे नियंत्रित करने में सफल रहेंगे।
तेहरान में बढ़ी कूटनीतिक हलचल
इसी बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir ने तेहरान में ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय हालात और अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर चर्चा की।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कूटनीतिक पहल पहले दौर की असफल बातचीत के बाद दूसरे चरण की तैयारी के तहत की जा रही है। प्रमुख मुद्दों में यूरेनियम संवर्धन की अवधि और ईरान के उच्च स्तर के संवर्धित यूरेनियम भंडार का भविष्य शामिल है।






