नई दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले में पुलिस और विदेशी प्रकोष्ठ की संयुक्त टीम ने दो अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला और एक पुरुष शामिल हैं, जो बिना वैध दस्तावेज के भारत में रह रहे थे और कथित तौर पर देह व्यापार से जुड़े नेटवर्क में सक्रिय थे।
पुलिस पिछले कुछ दिनों से WhatsApp, Facebook और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म्स पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। इसी दौरान सूचना मिली कि आजादपुर के एन.एस. मंडी इलाके में कुछ संदिग्ध लोग देह व्यापार गिरोह से जुड़ने के लिए आने वाले हैं।
13 अप्रैल 2026 को पुलिस ने सादे कपड़ों में स्टिंग ऑपरेशन चलाते हुए मौके पर छापेमारी की। टीम के सदस्यों ने संदिग्धों से संपर्क कर अवैध गतिविधियों के लिए पैसे की पेशकश की। सहमति मिलते ही पहले से तय संकेत पर दोनों को पकड़ लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों ने खुद को भारतीय नागरिक बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन पूछताछ के दौरान उनके बयान विरोधाभासी पाए गए। जांच में उनके पास से बांग्लादेश के पहचान पत्र बरामद हुए, जिससे उनकी असली पहचान सामने आई। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे अवैध रूप से सीमा पार कर भारत आए थे और यहां इस नेटवर्क में शामिल थे।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान 19 वर्षीय मोसा उर्फ मोसेसरिया मोनिद (जिला नाराइल, खुलना) और 29 वर्षीय एमडी नूर आलम (जिला रंगपुर) के रूप में हुई है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को FRRO के समक्ष पेश किया गया, जहां से उनके निर्वासन की कार्रवाई शुरू कर उन्हें वापस भेज दिया गया।






