नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता राघव चड्ढा के नेतृत्व में पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने के दावे के बाद उच्च सदन की सियासी तस्वीर बदलती हुई नजर आ रही है। चड्ढा ने शुक्रवार को अपने दो साथियों के साथ बीजेपी का दामन थामा और कहा कि कुल 7 सांसद इस फैसले में उनके साथ हैं। इनमें पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह का नाम भी शामिल बताया जा रहा है।
क्या दल-बदल कानून लागू होगा?
राघव चड्ढा के अनुसार, AAP के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 ने यह कदम उठाया है, जो दो-तिहाई बहुमत की शर्त को पूरा करता है। ऐसे में दल-बदल विरोधी कानून (दसवीं अनुसूची) के तहत इन सांसदों पर अयोग्यता लागू नहीं होगी। इसका सीधा असर यह होगा कि बीजेपी की राज्यसभा में संख्या में 7 सांसदों का इजाफा हो जाएगा।
बीजेपी की स्थिति कैसे होगी मजबूत?
इन सांसदों के शामिल होने के बाद बीजेपी की राज्यसभा में संख्या 106 से बढ़कर 113 तक पहुंच सकती है। इससे सरकार के लिए विधेयक पारित कराना पहले के मुकाबले ज्यादा आसान हो जाएगा और सदन में उसकी पकड़ और मजबूत होगी।
कौन-कौन सांसद बताए जा रहे शामिल?
बीजेपी में शामिल होने वाले सांसदों में राघव चड्ढा, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, राजिंदर गुप्ता, विक्रम सहनी और स्वाति मालीवाल के नाम सामने आए हैं। इनमें से अधिकांश सांसद पंजाब से हैं।
AAP को बड़ा झटका
इस घटनाक्रम के बाद राज्यसभा में AAP की स्थिति काफी कमजोर हो जाएगी। पार्टी के पास अब केवल 3 सांसद—संजय सिंह, एन.डी. गुप्ता और बलबीर सिंह सीचेवाल—ही बचने की बात कही जा रही है।
पंजाब की राजनीति पर असर
क्योंकि शामिल होने वाले 7 में से 6 सांसद पंजाब से हैं, इसलिए इसका असर राज्य की राजनीति पर भी पड़ेगा। खासतौर पर 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह AAP के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
NDA की ताकत में इजाफा
मनोनीत और सहयोगी दलों के समर्थन को मिलाकर बीजेपी नेतृत्व वाले एनडीए की ताकत राज्यसभा में और मजबूत हो सकती है। अनुमान के मुताबिक, एनडीए का आंकड़ा 148 तक पहुंच सकता है, जो बहुमत के आंकड़े 123 से काफी ऊपर है।
इस पूरे घटनाक्रम से राज्यसभा का गणित बदलता दिख रहा है और आने वाले समय में इसका असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।




