अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर दिल्ली में श्रमिक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें रेखा गुप्ता ने श्रमिकों को शुभकामनाएं देते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में श्रमिकों का योगदान अमूल्य है। इस अवसर पर 1000 निर्माण श्रमिकों को सुरक्षा किट और श्रमिक परिवारों के 100 बच्चों को शिक्षा किट वितरित की गई। साथ ही एक बड़े स्तर के कौशल विकास अभियान की शुरुआत की गई, जिसके तहत हर साल 35,000 श्रमिकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए पंजीकरण और नवीनीकरण शुल्क पूरी तरह माफ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में श्रमिकों के सम्मान और सशक्तिकरण को सरकार की नीतियों के केंद्र में रखा गया है।
इसके अलावा, श्रमिकों की सुविधा के लिए “श्रमिक सेवा केंद्र” और आधुनिक लेबर चौक स्थापित किए जाएंगे, ताकि जरूरी सेवाएं सीधे उन तक पहुंच सकें। “सामूहिक विवाह योजना” के जरिए श्रमिक परिवारों को भी सहायता प्रदान की जाएगी।
इससे पहले, मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर संदेश देते हुए “श्रमेव जयते” का उल्लेख किया और श्रमिकों के परिश्रम व समर्पण को नमन करते हुए उनके अधिकारों की सुरक्षा और कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। समारोह में कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रमिक भी मौजूद रहे।





