पश्चिम बंगाल में बीजेपी की कलिता माझी की जीत की उतनी ही चर्चा है जितनी ममता बनर्जी की हार की । 4 घरों में काम करने वाली, ₹2500 कमाने वाली कलिता माझी ने सच में TMC को हराकर औसग्राम सीट जीत ली है। ये 2026 बंगाल चुनाव की सबसे चर्चित जीत में से एक है।
कलिता माझी पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले के औसग्राम विधानसभा सीट से BJP उम्मीदवार थीं। ये 2-4 घरों में घरेलू कामगार यानी नौकरानी का काम करती हैं। महीने की कमाई ₹2500 से ₹4000 तक है। पति सुब्रत माझी पानी की पाइपलाइन मैकेनिक हैं। एक बेटा है जो 8वीं में पढ़ता है। कलिता माझी ने TMC के श्यामा प्रसन्न लोहार को 12,535 वोटों से हराया। औसग्राम SC रिजर्व सीट है। 2021 में भी कलिता लड़ी थीं पर तब TMC के अबेदानंद थंडर से 11,000 वोट से हार गई थीं। इस बार जीत गईं।
कलिता मांझी की तारीफ़ प्रधानमंत्री मोदी ने भी की थी । PM मोदी ने कहा था – “स्वाभिमानपूर्वक गुजर-बसर करने वाली कलिता जी अपने सेवाभाव से समाज के लिए एक उम्मीद बनकर उभरी हैं। राजनीति में एक मिसाल हैं”।
कलिता के चुनावी मुद्दे क्या थे?
कलिता खुद कहती हैं:
“मैं गरीबी का दर्द समझती हूँ। गांव में स्कूल नहीं हैं, टीचर नहीं हैं। बीमार पड़ो तो जिला अस्पताल भागना पड़ता है”
सपना है कि इलाके में गरीबों के लिए अस्पताल बनाएं
रोजगार और बुनियादी ढांचे पर काम करना चाहती हैं
खुद पैसों की कमी से पढ़ नहीं पाईं, तो गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए काम करेंगी
क्यों वायरल हुई स्टोरी?
BJP सांसद पी.सी. मोहन ने X पर लिखा: “यही बीजेपी की ताकत है, जहां एक आम नागरिक भी आगे बढ़ सकता है”। एक घरेलू कामगार का MLA बनना लोगों को इंस्पायर कर गया।
विवाद भी हुआ थ
टिकट पर विरोध: BJP के लोकल नेताओं ने ही कलिता का विरोध किया था। बैनर लगाए कि “उम्मीदवार बदलो”
वोटर लिस्ट: कलिता का नाम वोटर लिस्ट में “विचाराधीन” था। TMC ने आरोप लगाया कि BJP को पता था नाम जुड़ जाएगा
कलिता 2021 से ही राजनीति में हैं। पंचायत चुनाव भी लड़ चुकी हैं। ये पहली बार नहीं, दूसरी बार टिकट मिला था।




