कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को हराकर सिर्फ 22 साल की उम्र में भारत में प्राइवेट एयर सर्विस का डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करना आसान बात नहीं है। लेकिन यह कहानी है कनिका टेकरीवाल की।
भोपाल के एक पारंपरिक मारवाड़ी परिवार में जन्मी कनिका बचपन से ही कुछ बड़ा करने का सपना देखती थी। लेकिन परिवार और समाज का मानना था कि लड़कियों को बड़े सपने नहीं देखने चाहिए, इसलिए उन्होंने उसे रोकने की कोशिश की।
पढ़ाई के लिए कनिका इंग्लैंड के कोवेंट्री यूनिवर्सिटी गई। वहीं उसे प्राइवेट एविएशन का आइडिया आया। भारत में उस समय यह सेवा बहुत महंगी थी और इसमें पारदर्शिता की कमी थी। कनिका इसे बदलना चाहती थी। लेकिन तभी उसकी जिंदगी में बड़ा झटका लगा—उसे कैंसर हो गया। डॉक्टरों ने कहा कि वह ज्यादा समय तक नहीं जी पाएगी।
लेकिन कनिका ने हार नहीं मानी। करीब दो साल इलाज कराने के बाद वह पूरी तरह ठीक हो गई।
ठीक होते ही उसने अपने सपने पर काम शुरू किया। साल 2012 में उसने “JetSetGo” नाम की कंपनी शुरू की, जो भारत की पहली प्राइवेट जेट बुकिंग डिजिटल सेवा थी। शुरुआत में लोगों ने उसका मजाक उड़ाया। एक तो वह लड़की थी, और दूसरा उसका एविएशन से कोई अनुभव नहीं था। फिर भी उसने हार नहीं मानी और ग्राहकों को अच्छी सेवा देने पर ध्यान दिया।
कुछ ही सालों में JetSetGo देश की बड़ी प्राइवेट एविएशन कंपनियों में शामिल हो गई।
आज कनिका टेकरीवाल के पास 10 प्राइवेट जेट्स हैं और उसकी कंपनी का कारोबार करोड़ों में है। उसने अपने प्लेटफॉर्म के जरिए हजारों लोगों को आसान, सुरक्षित और भरोसेमंद सेवा दी है। अब वह eVTOL जैसी नई तकनीक पर भी काम कर रही है, जो भविष्य में एविएशन को बदल सकती है।
कनिका को BBC 100 Women, Forbes Asia 30 Under 30 और UN Women Transforming India जैसी बड़ी लिस्ट में जगह मिल चुकी है। हाल ही में वह कान्स फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर चलने वाली पहली भारतीय महिला एविएशन उद्यमी बनी।
कनिका की कहानी हिम्मत, मेहनत और नए सोच की मिसाल है। वह आज हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा है कि अगर इरादा मजबूत हो, तो कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।




