तमिलनाडु में TVK सरकार बनी, AIADMK में बढ़ी अंदरूनी कलह
तमिलनाडु में नई सरकार का गठन हो चुका है और TVK प्रमुख जोसेफ विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। विजय को कांग्रेस समेत कई दलों के विधायकों का समर्थन मिला है। नई सरकार बनने के साथ ही राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। खास तौर पर विपक्षी दल AIADMK के भीतर अब खुली टूट सामने आने लगी है।
दरअसल, AIADMK के विधायक एसपी वेलुमणि और सीवी शनमुगम के नेतृत्व वाले गुट ने विजय की अगुवाई वाली TVK सरकार को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। इससे पहले यह चर्चा भी तेज थी कि DMK और AIADMK मिलकर सरकार बना सकते हैं, लेकिन अब परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं।
‘पलानीस्वामी DMK के समर्थन से सीएम बनना चाहते थे’
AIADMK नेता सीवी शनमुगम ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने DMK के समर्थन से मुख्यमंत्री बनने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि, पार्टी के अधिकांश विधायकों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया और इसे स्वीकार नहीं किया।
शनमुगम ने कहा कि AIADMK फिलहाल किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं है और पार्टी को नए राजनीतिक विकल्प तलाशने होंगे। उन्होंने कहा कि जनता के फैसले का सम्मान करते हुए AIADMK विधायक दल ने TVK सरकार को समर्थन देने का फैसला लिया है। साथ ही एसपी वेलुमणि को विधायक दल का नेता और जी. हरि को उपनेता चुना गया है।
‘DMK से गठबंधन करते तो पार्टी खत्म हो जाती’
सीवी शनमुगम ने कहा कि AIADMK की स्थापना ही DMK के खिलाफ हुई थी और पिछले 53 वर्षों से पार्टी की राजनीति DMK विरोध पर आधारित रही है। ऐसे में DMK के साथ मिलकर सरकार बनाना पार्टी की मूल विचारधारा के खिलाफ होता।
उन्होंने कहा कि यदि AIADMK, DMK के साथ गठबंधन करती तो पार्टी का अस्तित्व ही समाप्त हो जाता। इसलिए विधायकों ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया। शनमुगम ने कहा कि अब पार्टी का मुख्य लक्ष्य AIADMK को दोबारा मजबूत और सक्रिय बनाना है।
वहीं, एसपी वेलुमणि ने भी साफ किया कि उनका उद्देश्य AIADMK को तोड़ना नहीं है, बल्कि पार्टी को बचाना और मजबूत करना है।






