दिल्ली के अशलिन और सचित बंसल ने अपने पिता के व्यापारिक संघर्षों से प्रेरणा लेकर साल 2022 में ‘कॉस्टिफाई’ (Costify) की शुरुआत की। यह स्टार्टअप पुराने और इस्तेमाल किए गए होम एप्लायंसेज को वैज्ञानिक तरीके से रीफर्बिश कर वारंटी के साथ बेचता है। जहाँ बाजार में पुराने सामान को असुरक्षित माना जाता था, वहीं इस भाई-बहन की जोड़ी ने मल्टी-स्टेज टेस्टिंग और ओरिजिनल पार्ट्स के जरिए ग्राहकों का भरोसा जीता है। आज यह कंपनी ₹4 करोड़ का सालाना रेवेन्यू जेनरेट कर रही है और 8,000 से अधिक ग्राहकों की सेवा कर चुकी है।
कॉस्टिफाई का विजन केवल मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और रोजगार पैदा करना भी है। यह स्टार्टअप ई-कचरे को कम करने के लिए पुराने उपकरणों को 5-7 साल की अतिरिक्त लाइफ देता है। साथ ही, इनके एआई-बेस्ड ट्रेनिंग सिस्टम के जरिए आईटीआई पास युवाओं को कुशल तकनीशियन बनाया जा रहा है। हाल ही में एंजेल फंडिंग जुटाने के बाद अब यह जोड़ी टियर-2 शहरों में विस्तार और बड़े ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स के साथ साझेदारी की योजना बना रही है, ताकि भारत में रीफर्बिश्ड सामानों के प्रति लोगों का नजरिया बदला जा सके।






