वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव और संभावित एनर्जी क्राइसिस के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत अपील का असर अब दिल्ली में भी दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए हर सोमवार को ‘मेट्रो डे’ के रूप में मनाने की घोषणा की है।
इस फैसले के तहत सरकारी कर्मचारी और अधिकारी सोमवार को निजी वाहनों की बजाय मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करेंगे। सरकार ने विभागीय पेट्रोल और डीजल की खपत में 20 फीसदी कटौती का लक्ष्य तय किया है। इसके साथ ही वर्क फ्रॉम होम और दफ्तरों की नई टाइमिंग को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद भी आज मेट्रो से सफर करेंगी। वह “मेरा भारत, मेरा योगदान” और “मेट्रो सोमवार” अभियान के तहत आईटीओ मेट्रो स्टेशन पहुंचकर लोगों को सार्वजनिक परिवहन अपनाने और ईंधन बचाने के लिए प्रेरित करेंगी।
उधर, DMRC ने भी ऐलान किया है कि हर सोमवार और जरूरत पड़ने पर अन्य दिनों में अतिरिक्त मेट्रो सेवाएं चलाई जाएंगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल कर सकें।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने भी नया मेमोरेंडम जारी कर सभी यूनिट्स और कार्यालयों को गैर-जरूरी सरकारी वाहनों का इस्तेमाल कम करने और ईंधन बचत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।






