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“कॉकरोच जनता पार्टी” : बेरोजगारी का गुस्सा या सुनियोजित डिजिटल क्रांति?

#कॉकरोच_जनता_पार्टी (#सीजेपी)

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भारत में हर कुछ वर्षों बाद “बदलाव” के नाम पर एक नया चेहरा खड़ा किया जाता है।
👉भीड़ जुटती है…
👉युवा भावुक होते हैं…
👉सोशल मीडिया क्रांति का शोर मचाता है…
👉 लोगों को लगता है अब शहीद ए आजम भगत सिंह की बात पूरी होगी सत्ता नहीं व्यवस्था परिवर्तन होगा

और फिर वही सिस्टम नए चेहरे के साथ पुराने खेल खेलने लगता है।
#अन्ना_आंदोलन याद कीजिए।

देश को बताया गया था कि अब भ्रष्टाचार खत्म होगा, राजनीति बदल जाएगी, आम आदमी की सरकार आएगी।
लेकिन नतीजा क्या निकला?
👉भ्रष्टाचार भी बढ़ा,
👉अफसरशाही भी बढ़ी,
👉महंगाई भी बढ़ी,
👉बेरोजगारी भी चरम पर पहुंच गई।
यानी जनता सिर्फ चेहरे बदलती रही,
व्यवस्था जस की तस रही।

अब एक नई पटकथा सामने है
#कॉकरोच_जनता_पार्टी
जिस तेजी से यह अभियान खड़ा हुआ, उससे यह मानना मुश्किल है कि यह सब अचानक हुआ होगा।
ऐसा लगता है जैसे इसकी स्क्रिप्ट पहले से लिखी जा चुकी थी और सिर्फ सही मौके का इंतजार था।

फिर आया #चीफ_जस्टिस_ऑफ_इंडिया का बयान…

“#बेरोजगार_परजीवी_कॉकरोच_की_तरह_होते_हैं” जैसी बात सोशल मीडिया पर आग की तरह फैली और उसी दिन से “कॉकरोच” शब्द को आंदोलन में बदलने की शुरुआत हो गई।

✅✅✅ सवाल यह नहीं कि युवाओं में गुस्सा क्यों है।

👉👉सवाल यह है कि उस गुस्से को दिशा कौन दे रहा है… और किस मकसद से दे रहा है?

✅इस पूरे अभियान से जुड़े कई चेहरे राजनीतिक, डिजिटल और विदेशी नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं।
✅कोई आम आदमी पार्टी से जुड़ा रहा,
✅कोई कांग्रेस के करीब दिखता है,
✅कोई बड़े सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों के नेटवर्क का हिस्सा है,
तो कोई अमेरिका, कनाडा और इंग्लैंड से बैठकर डिजिटल रणनीति चला रहा है।

यानी यह सिर्फ बेरोजगार युवाओं का स्वतःस्फूर्त आंदोलन नहीं लगता,
बल्कि बेहद योजनाबद्ध डिजिटल ऑपरेशन दिखाई देता है।

दुनिया के कई देशों में “#Gen_Z_आंदोलनों” का इस्तेमाल सत्ता परिवर्तन और सामाजिक अस्थिरता पैदा करने के लिए किया गया।

ध्रुव राठी, हर्ष छिकारा, नेहा सिंह राठौड़, कीर्ति आजाद से लेकर तमाम इनफ्लुएंसर्स जो लगातार भारतीय जनता पार्टी को घेरते रहे हैं वह सब एक मंच पर इस पार्टी से लोगों को जोड़ने का आह्वान कर रहे हैं।

स्पष्ट है सब कुछ बहुत पहले से तय था, अरबों रुपए की फंडिंग हुई होगी कई राजनीतिक दल इसमें रहे होंगे और चीफ जस्टिस ने ऐसा बयान क्यों दिया सारी कहानी समझने वाले समझ चुके हैं। बस मोदी के खुफिया तंत्र आईबी किसी को कोई जानकारी नहीं थी। होती भी कैसे यह तो साजिश ही मोदी के मित्र ट्रंप के देश से चल रही है।

भारत में भी वही मॉडल उतारने की कोशिश महसूस हो रही है
✅जहां पहले युवाओं को अपमानित महसूस कराओ,
✅फिर उन्हें एक प्रतीक दो,
✅फिर गुस्से को संगठन में बदल दो।

और सच यही है कि #बेरोजगार युवा सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत होता है।
👉वही सड़क पर उतरता है,
👉वही आंदोलन करता है,
👉वही सिस्टम से टकराता है,
👉और जरूरत पड़े तो खुद को आग में भी झोंक देता है।

सरकार की सबसे बड़ी विफलता यही रही कि उसने बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे असली मुद्दों को कभी पूरी गंभीरता से हल नहीं किया।

देश को हिंदू-मुस्लिम, चुनावी नारों और भावनात्मक मुद्दों में उलझाए रखा गया, जबकि दूसरी तरफ युवाओं का धैर्य टूटता गया।

✅आज हालत यह है कि डिग्रीधारी युवा नौकरी के लिए भटक रहा है,
व्यापारी मंदी से परेशान है,
✅मध्यम वर्ग महंगाई से टूटा हुआ है,
✅और ऊपर से जब अपमानजनक शब्द सुनने को मिलें, तो गुस्सा आंदोलन में बदलना तय है।

यही कारण है कि “कॉकरोच जनता पार्टी” जैसी चीज अचानक करोड़ों युवाओं तक पहुंच गई।

लेकिन यहां सबसे बड़ा खतरा भी छिपा है।

👉👉👉अगर इस गुस्से को कांग्रेस, विपक्षी दलों, बड़े डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स और मुस्लिम वोट बैंक जैसे समूहों का खुला समर्थन मिल गया, (जिसकी 100 फ़ीसदी उम्मीद है) तो यह सिर्फ सोशल मीडिया ट्रेंड नहीं रहेगा

यह आने वाले समय में भारतीय राजनीति का बड़ा विस्फोट बन सकता है।

यह भाजपा, मोदी, अमित शाह और आरएसएस सभी के लिए चेतावनी है।
क्योंकि पहली बार लड़ाई सिर्फ चुनाव की नहीं,
नैरेटिव और युवाओं की मानसिकता की होती दिखाई दे रही है।

फिलहाल यह आंदोलन है, प्रयोग है या योजनाबद्ध राजनीतिक प्रोजेक्ट यह आने वाला समय बताएगा।

लेकिन इतना तय है
भारत में बेरोजगारी अब सिर्फ आर्थिक समस्या नहीं रही…
यह #राजनीतिक_बारूद बन चुकी है।

चीफ जस्टिस का बयान #तय_शुदा_नूरा_कुश्ती का हिस्सा नजर आ रहा है।

भारत का खुफिया तंत्र पूरी तरह नाकाम सवित हुआ है और लंबे समय से चली आ रही एक सोच को आखिर अंजाम दे दिया गया है।

जाति बिरादरी में पूरी तरह लड़ता हुआ झगड़ता हुआ मोदी और आरएसएस का समर्थक इस युवाओं, बेरोजगार दूसरी तमाम पार्टियों और मुस्लिम समुदाय की सामूहिक ताकत के सामने तिनका तिनका बिखरता नजर आएगा।

देर हो चुकी है हुजूर आते आते….

वैश्विक मंदी इस आग में घी का काम करने वाली है।

खबरदार होशियार नए भारत के बनते या बिगड़ते स्वरूप के लिए खुद को तैयार कर लीजिए….

वैसे एक गाने का लिंक कमेंट में है सुनिएगा और देखिएगा जरुर

साभार : विकास बालियान जी की वाल से

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Author: sssrknews

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