परमात्मा का कार्य, परमात्मा के द्वारा ही आशीर्वादित होता है :
“आनंद लेने में एकमात्र रोड़ा यह है कि आप सोचते हैं कि अभी भी बहुत सारे लोग अंधेरे में हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। इसकी क्षतिपूर्ति करनी होगी। आपको कठोर परिश्रम करना होगा। हमें समझना होगा कि यहाँ नकारात्मक शक्तियाँ हैं, जो उन लोगों को नीचे की ओर खींच रही हैं। वे अनजान हैं। वे नहीं जानते हैं कि इस जीवन से परे भी सौंदर्य व महिमापूर्ण शाश्वत जीवन का एक अस्तित्व है। लेकिन, मैं समझती हूं कि धीरे-धीरे यह काम होगा।…….”
“व्यक्ति को समझना चाहिए कि परमात्मा का कार्य परमात्मा के द्वारा आशीर्वादित होता है। परमात्मा आपकी इसमें पूरी सहायता करेंगे, आपको समृद्ध बनाने के लिये, आपको दैवीय कर्तव्य निभाने के योग्य बनाने के लिए सारे आशीर्वाद मिलेंगे। समय निकला जा रहा है। बहुत थोड़ा समय बचा है। समय तेजी से दौड़ रहा है, और यही कारण है कि लोगों में हताशा ज्यादा है। इसी हताशा ने सहजयोग को स्वंय इस धरती पर अवतरित किया है, और इन रुकावटों को जिन्हें आप अपने चारों ओर देखते हैं, इनसे लड़ने के लिए आपको और अधिक मजबूत महसूस करना चाहिए, और इस सृष्टि के उच्चतम लक्ष्य को हासिल करना चाहिए।”
– -प.पू. माताजी श्री निर्मला देवी
31 मई 1983



