तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा भाजपा नेतृत्व द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि विधानसभा चुनावों में खुद को साइडलाइन किए जाने से अन्नामलाई नाराज थे और जल्द ही अपने भविष्य की राजनीतिक रणनीति का ऐलान कर सकते हैं।
क्या नई पार्टी बनाएंगे अन्नामलाई?
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, अन्नामलाई अब स्वतंत्र राजनीतिक विकल्प पर विचार कर रहे हैं। चर्चा है कि वह नई पार्टी के गठन की तैयारी में जुटे हैं। हाल ही में उनकी मुलाकात Amit Shah से भी हुई थी, जिसमें उन्होंने तमिलनाडु भाजपा की स्थिति और अपनी चिंताओं को खुलकर रखा था। सूत्रों का कहना है कि अन्नामलाई पार्टी से सम्मानजनक तरीके से अलग होना चाहते थे।
भाजपा से नाराजगी की प्रमुख वजहें
1. AIADMK के साथ गठबंधन का विरोध
अन्नामलाई लंबे समय से भाजपा और AIADMK के गठबंधन के विरोधी रहे हैं। उनका मानना था कि भाजपा को तमिलनाडु में स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनानी चाहिए। 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अकेले चुनाव लड़ा था, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली।
2. प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया जाना
अन्नामलाई ने 2021 से 2025 तक तमिलनाडु भाजपा का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में पार्टी की सक्रियता और जनाधार में वृद्धि देखी गई। हालांकि अप्रैल 2025 में उनकी जगह नैनार नागेंद्रन को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। माना जाता है कि AIADMK के साथ रिश्ते सुधारने के लिए यह फैसला लिया गया था।
3. विधानसभा चुनाव में अनदेखी
2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की तैयारियों के दौरान अन्नामलाई खुद को निर्णय प्रक्रिया से दूर महसूस कर रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी के कई अहम फैसलों में उन्हें शामिल नहीं किया गया, जिससे उनकी नाराजगी बढ़ती गई।
4. नीतिगत मतभेद
अन्नामलाई कई बार केंद्र सरकार की कुछ नीतियों पर भी अलग राय रखते नजर आए। विशेष रूप से शिक्षा और भाषा नीति से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी और तमिलनाडु की संवेदनशीलताओं को प्राथमिकता देने की वकालत की।
5. चुनावी रणनीति पर असहमति
गठबंधन, सीट बंटवारे और उम्मीदवार चयन जैसे मुद्दों पर भी अन्नामलाई और पार्टी नेतृत्व के बीच मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यही असहमति आखिरकार इस्तीफे की वजह बनी।
तमिलनाडु की राजनीति पर असर
अन्नामलाई को तमिलनाडु भाजपा का युवा और आक्रामक चेहरा माना जाता है। ऐसे में उनका अगला कदम न केवल भाजपा बल्कि राज्य की पूरी राजनीतिक तस्वीर को प्रभावित कर सकता है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि वह नई पार्टी बनाते हैं या किसी नए राजनीतिक मोर्चे के साथ आगे बढ़ते हैं।



