उज्जैन के बेगम बाग में अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई
मध्य प्रदेश के उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के पास बेगम बाग इलाके में अवैध निर्माण के खिलाफ एक बार फिर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की। महाकाल मंदिर के पहुंच मार्ग पर स्थित इस क्षेत्र में एक दर्जन से ज्यादा इमारतों को जमींदोज किया गया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और किसी तरह के विरोध की स्थिति सामने नहीं आई।
प्रशासन के मुताबिक, संबंधित जमीन उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) की है। वर्ष 1985 में यहां 48 भूखंड आवासीय उपयोग के लिए 30 साल की लीज पर आवंटित किए गए थे। आरोप है कि भूखंड धारकों ने आवासीय उपयोग के बजाय इनका व्यावसायिक इस्तेमाल शुरू कर दिया, जो लीज की शर्तों के विपरीत था। वर्ष 2014-15 में लीज की अवधि भी समाप्त हो गई और उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया।
सुबह 8 बजे शुरू हुई कार्रवाई
बेगम बाग में बुलडोजर कार्रवाई सुबह करीब 8 बजे शुरू हुई। इस दौरान लगभग 15 इमारतों को गिराया गया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस की भारी तैनाती की गई थी। महाकाल मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और वाहनों के लिए संबंधित मार्ग को बंद कर वैकल्पिक रास्तों से यातायात संचालित किया गया।
प्रशासन के अनुसार, पिछले करीब एक साल में इसी क्षेत्र में सात चरणों में 72 इमारतों को हटाया जा चुका है। पिछली कार्रवाइयों के दौरान विरोध की स्थिति भी बनी थी, लेकिन इस बार कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से हुई।
आवासीय भूखंडों का व्यावसायिक इस्तेमाल करने का आरोप
उज्जैन विकास प्राधिकरण ने 1985 में बेगम बाग में 48 भूखंड आवासीय उपयोग के लिए 30 वर्ष की लीज पर दिए थे। प्रत्येक भूखंड का क्षेत्रफल करीब 2400 वर्ग फीट बताया गया है। प्रशासन का आरोप है कि भूखंड धारकों ने निर्धारित नियमों के विपरीत इनका व्यावसायिक इस्तेमाल किया और बाद में भूखंडों को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर कई निर्माण कर लिए।
यूडीए के मुताबिक, 48 मूल भूखंडों पर अलग-अलग हिस्सों में कुल 106 इमारतें खड़ी हो गई थीं। इनमें से अब तक 86 इमारतों को हटाया जा चुका है, जबकि बाकी 20 निर्माणों पर भी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
कोर्ट से स्टे हटने के बाद कार्रवाई
यूडीए की ओर से भूखंड धारकों को कई बार नोटिस जारी किए गए थे। वर्ष 2023-24 में प्राधिकरण ने संबंधित लीज समाप्त कर दी, जिसके बाद भूखंड धारक न्यायालय पहुंचे। अलग-अलग मामलों में निचली अदालत से लेकर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी प्रक्रिया चली।
प्रशासन के अनुसार, जिन मामलों में अदालत से मिला स्टे समाप्त या खारिज हो गया, वहां नियमानुसार कार्रवाई शुरू की गई। कार्रवाई से पहले भवन मालिकों को नोटिस दिए गए और न्यायालय की स्थिति से अवगत कराया गया। इसके बाद कुछ लोगों ने खुद ही अपने भवन खाली करना शुरू कर दिया, जिसके चलते इस चरण की कार्रवाई शांतिपूर्ण रही।
बाकी निर्माणों पर भी होगी कार्रवाई
प्रशासन का कहना है कि जिन निर्माणों पर न्यायिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां नियमों के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। बेगम बाग क्षेत्र महाकाल मंदिर के प्रमुख पहुंच मार्ग के पास होने के कारण प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को भी विशेष प्राथमिकता दी है।
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