मांड्या के अस्पताल के जेल वार्ड में महिला के साथ मिला भ्रष्टाचार का आरोपी अफसर, औचक निरीक्षण में खुली सुरक्षा की पोल
कर्नाटक के मांड्या में भ्रष्टाचार के एक मामले में न्यायिक हिरासत में चल रहा सरकारी अधिकारी अस्पताल के विशेष जेल वार्ड में एक महिला के साथ मिला। अधिकारी को विचाराधीन कैदी के तौर पर मांड्या आयुर्विज्ञान संस्थान (MIMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मामले का खुलासा कर्नाटक राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (KSLSA) की टीम के औचक निरीक्षण के दौरान हुआ। घटना के बाद सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों और महिला को वार्ड में प्रवेश देने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
औचक निरीक्षण में महिला के साथ मिला अधिकारी
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, भूमि अभिलेख विभाग के सहायक निदेशक (ADLR) कार्यालय में सर्वेक्षण पर्यवेक्षक के पद पर तैनात महमद हुसैन 21 अगस्त से MIMS अस्पताल के अस्थायी जेल वार्ड में भर्ती था। वह भ्रष्टाचार के मामले में न्यायिक हिरासत में है।
सोमवार शाम KSLSA की टीम अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंची। इसी दौरान हुसैन को उसके कमरे में एक महिला के साथ पाया गया। इस घटना के बाद अस्पताल के जेल वार्ड की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, हुसैन को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए अदालत से अनुमति नहीं ली गई थी। साथ ही, अधिकारियों के अनुसार उसकी ऐसी कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या सामने नहीं आई थी, जिसके लिए इस तरह की विशेष व्यवस्था की जरूरत हो।
एक अधिकारी ने बताया कि वार्ड में सुरक्षा के लिए तैनात कर्मियों और महिला को कमरे के भीतर प्रवेश देने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद जेल भेजा गया था
हुसैन को श्रीरंगपट्टण स्थित भूमि अभिलेख कार्यालय में लोकायुक्त की कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, लोकायुक्त की कार्रवाई के एक दिन बाद 3 जुलाई को अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
उस पर श्रीरंगपट्टण तालुक भूमि अभिलेख कार्यालय में कथित तौर पर अनधिकृत रूप से प्रवेश करने, सरकारी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर भूमि सीमांकन से जुड़े काम में मदद करने, रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने जैसे आरोप हैं।
जेल डीजी ने क्या कहा?
कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (जेल) आलोक कुमार ने बताया कि जेल में डॉक्टर की जांच के बाद हुसैन को MIMS अस्पताल भेजा गया था। वहां डॉक्टरों की सलाह पर उसे अस्थायी जेल वार्ड में भर्ती किया गया।
अस्पताल के कमरे में महिला के साथ पाए जाने के मामले पर उन्होंने कहा कि सुरक्षा की जिम्मेदारी जिला पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए सुरक्षा दस्ते की थी। उन्होंने बताया कि संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और आरोपी अधिकारी को वापस न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
आलोक कुमार के अनुसार, जेल विभाग प्रक्रियागत चूक की भी जांच करेगा, खासकर अस्पताल में भर्ती किए जाने की सूचना समय पर संबंधित अधिकारियों को नहीं देने के मामले की।
पीठ में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल भेजा गया था
अधिकारियों के मुताबिक, 21 अगस्त को पीठ में दर्द की शिकायत के बाद जेल चिकित्सक की सलाह पर हुसैन को मेडिकल जांच के लिए MIMS भेजा गया था। हड्डी रोग विशेषज्ञ की सलाह के बाद उसे अस्थायी जेल वार्ड में भर्ती कराया गया। उसकी सुरक्षा के लिए मांड्या जिला सशस्त्र पुलिस का एक दल तैनात किया गया था।
अब सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ मांड्या जिला पुलिस कार्रवाई कर रही है। वहीं, आरोपी को अस्पताल में भर्ती किए जाने की जानकारी संबंधित अदालत को समय पर नहीं देने के मामले की भी जांच की जा रही है।
मांड्या जिला कारागार अधीक्षक की प्रक्रियागत चूक की जांच दक्षिण क्षेत्र की डीआईजी दिव्या श्री कर रही हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कर्नाटक की जेल व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
कर्नाटक में जेलों की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। हाल ही में कलबुर्गी सेंट्रल जेल से तीन कैदियों के फरार होने के बाद ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में जेल के आठ अधिकारियों को निलंबित किया गया था। ताजा घटना ने एक बार फिर राज्य की जेल सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
#KarnatakaNews #MandyaNews #Karnataka #CorruptionCase #PrisonNews #JailNews #HospitalNews #PoliceNews
Diclaimer : इसका हमारी The भारत SSSRK News24x7 समाचार और राष्ट्र दर्शन (सबसे तेज़, सबसे आगे…),
यह एक आंकलन मात्र है…







