Daily panchang,हवन में आहुति देते समय क्यों कहते है ‘स्वाहा’ एवं आज का आपका राशिफल क्या है
🌤️ दिनांक – 19 जून 2026
🌤️ दिन – शुक्रवार
🌤️ विक्रम संवत 2083
🌤️ शक संवत -1948
🌤️ अयन – उत्तरायण
🌤️ ऋतु – ग्रीष्म ॠतु
🌤️ मास – ज्येष्ठ
🌤️ पक्ष – शुक्ल
🌤️ तिथि – पंचमी शाम 04:59 तक तत्पश्चात षष्ठी
🌤️ नक्षत्र – अश्लेशा सुबह 10:06 तक तत्पश्चात मघा
🌤️ योग – हर्षण दोपहर 02:53 तक तत्पश्चात वज्र
🌤️*राहुकाल – सुबह 10:59 से दोपहर 12:40 तक*
🌤️ सूर्योदय – 05:58
🌤️ सूर्यास्त – 07:21
दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे
हवन में आहुति देते समय क्यों कहते है ‘स्वाहा’ एवं आज का आपका राशिफल क्या है आओ जानें
अग्निदेव की दाहिकाशक्ति है ‘स्वाहा’
अग्निदेव में जो जलाने की तेजरूपा (दाहिका) शक्ति है, वह देवी स्वाहा का सूक्ष्मरूप है। हवन में आहुति में दिए गए पदार्थों का परिपाक (भस्म) कर देवी स्वाहा ही उसे देवताओं को आहार के रूप में पहुंचाती हैं, इसलिए इन्हें ‘परिपाककरी’ भी कहते हैं।
सृष्टिकाल में परब्रह्म परमात्मा स्वयं ‘प्रकृति’ और ‘पुरुष’ इन दो रूपों में प्रकट होते हैं। ये प्रकृतिदेवी ही मूलप्रकृति या पराम्बा कही जाती हैं। ये आदिशक्ति अनेक लीलारूप धारण करती हैं। इन्हीं के एक अंश से देवी स्वाहा का प्रादुर्भाव हुआ जो यज्ञभाग ग्रहणकर देवताओं का पोषण करती हैं।
स्वाहा के बिना देवताओं को नहीं मिलता है भोजन
सृष्टि के आरम्भ की बात है, उस समय ब्राह्मणलोग यज्ञ में देवताओं के लिए जो हवनीय सामग्री अर्पित करते थे, वह देवताओं तक नहीं पहुंच पाती थी। देवताओं को भोजन नहीं मिल पा रहा था इसलिए उन्होंने ब्रह्मलोक में जाकर अपने आहार के लिए ब्रह्माजी से प्रार्थना की। देवताओं की बात सुनकर ब्रह्माजी ने भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान किया। भगवान के आदेश पर ब्रह्माजी देवी मूलप्रकृति की उपासना करने लगे। इससे प्रसन्न होकर देवी मूलप्रकृति की कला से देवी ‘स्वाहा’ प्रकट हो गयीं और ब्रह्माजी से वर मांगने को कहा।
ब्रह्माजी ने कहा–’आप अग्निदेव की दाहिकाशक्ति होने की कृपा करें। आपके बिना अग्नि आहुतियों को भस्म करने में असमर्थ हैं। आप अग्निदेव की गृहस्वामिनी बनकर लोक पर उपकार करें।’
ब्रह्माजी की बात सुनकर भगवान श्रीकृष्ण में अनुरक्त देवी स्वाहा उदास हो गयीं और बोलीं–’परब्रह्म श्रीकृष्ण के अलावा संसार में जो कुछ भी है, सब भ्रम है। तुम जगत की रक्षा करते हो, शंकर ने मृत्यु पर विजय प्राप्त की है। शेषनाग सम्पूर्ण विश्व को धारण करते हैं। गणेश सभी देवताओं में अग्रपूज्य हैं। यह सब उन भगवान श्रीकृष्ण की उपासना का ही फल है।’
यह कहकर वे भगवान श्रीकृष्ण को प्राप्त करने के लिए तपस्या करने चली गयीं और वर्षों तक एक पैर पर खड़ी होकर उन्होंने तप किया। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान श्रीकृष्ण प्रकट हो गए।
देवी स्वाहा के तप के अभिप्राय को जानकर भगवान श्रीकृष्ण ने कहा–’तुम वाराहकल्प में मेरी प्रिया बनोगी और तुम्हारा नाम ‘नाग्नजिती’ होगा। राजा नग्नजित् तुम्हारे पिता होंगे। इस समय तुम दाहिकाशक्ति से सम्पन्न होकर अग्निदेव की पत्नी बनो और देवताओं को संतृप्त करो। मेरे वरदान से तुम मन्त्रों का अंग बनकर पूजा प्राप्त करोगी। जो मानव मन्त्र के अंत में तुम्हारे नाम का उच्चारण करके देवताओं के लिए हवन-पदार्थ अर्पण करेंगे, वह देवताओं को सहज ही उपलब्ध हो जाएगा।’
देवी स्वाहा बनी अग्निदेव की पत्नी
भगवान श्रीकृष्ण की आज्ञा से अग्निदेव का देवी स्वाहा के साथ विवाह-संस्कार हुआ। शक्ति और शक्तिमान के रूप में दोनों प्रतिष्ठित होकर जगत के कल्याण में लग गए। तब से ऋषि, मुनि और ब्राह्मण मन्त्रों के साथ ‘स्वाहा’ का उच्चारण करके अग्नि में आहुति देने लगे और वह हव्य पदार्थ देवताओं को आहार रूप में प्राप्त होने लगा।
जो मनुष्य स्वाहायुक्त मन्त्र का उच्चारण करता है, उसे मन्त्र पढ़ने मात्र से ही सिद्धि प्राप्त हो जाती है। स्वाहाहीन मन्त्र से किया हुआ हवन कोई फल नहीं देता है।
देवी स्वाहा के सिद्धिदायक सोलह नाम
देवी स्वाहा के सोलह नाम हैं–
1. स्वाहा,
2. वह्निप्रिया,
3. वह्निजाया,
4. संतोषकारिणी,
5. शक्ति,
6. क्रिया,
7. कालदात्री,
8. परिपाककरी,
9. ध्रुवा,
10. गति,
11. नरदाहिका,
12. दहनक्षमा,
13. संसारसाररूपा,
14. घोरसंसारतारिणी,
15. देवजीवनरूपा,
16. देवपोषणकारिणी।
इन नामों के पाठ करने वाले मनुष्य का कोई भी शुभ कार्य अधूरा नहीं रहता। वह समस्त सिद्धियों व मनोकामनाओं को प्राप्त कर लेता है।
घर की शोभा बढ़ाने के लिए
१. किसी का बुरा न माने , किसी का बुरा ना सोचे..तो घर स्वर्ग हो जायेगा
२ .आव नही, आदर नही, नही नयनन मे नेह
तुलसी वा घर ना जायियो चाहे कंचन बरसे मेह
आप के घर मे कोई आये तो उस को आदर दीजिये आप के घर की शोभा बढेगी..
३. “हे प्रभु आनंद दाता” ये प्रार्थना रोज घर मे सब मिलकर गाओ तो घर स्वर्ग हो जाये..
कंठस्थ करो….घर के झगडे दूर होंगे…।
अपाचन हो तो
अपाचन बढ़ा तो अजवाईन, सोठ और काली मिर्च का मिश्रण करके वो पाउडर एक चुटकी ले तो पाचन ठीक होगा…सुबह ले ले और २/३ घंटे बाद भोजन करे…
सुख-शांति व धन वृद्धि हेतु
सफेद पलाश के एक या अधिक पुष्पों को किसी शुभ मुहूर्त में लाकर तिजोरी में सुरक्षित रखने से उस घर में सुख-शांति रहती है, धन-आगमन में बहुत वृद्धि होती है |
निर्जला एकादशी के दिन बरसाना में मीठा पानी ठंडाई (छबील) लगाई जाएगी
25 जून को राधा रानी जी की असीम कृपा से और आप भक्तों के आशीर्वाद विशेष सहयोग से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बरसाना धाम में ठंडाई (छबील) की सेवा की जारही है,ब्रज में भजन करने वाले वैष्णव साधू संतों के लिए उनके जरूरत की सामग्री बांटी जाएगी,पंखा,कूलर,मच्छरदानी, वस्त्र,बिस्तर,टार्च,राशन खान पान की सामग्री,प्लास्टिक के वाटर कूलरों की सेवा की जाएगी।
आप सभी भक्तजन दर्शन आशीर्वाद लेने के लिए पधारे।
आज का आपका राशिफल
मेष राशि : कोई चौंकाने वाले समाचार मिल सकते है। मनचाही नौकरी के लिए प्रयास अधिक करना पड़ सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। दूसरों से अपेक्षा न करें। पहनावे में गुलाबी रंग का प्रयोग ज्यादा करें, काम बनेंगे।
वृषभ राशि : व्यापार में परिश्रम अधिक और लाभ कम होगा। विरोधी सक्रिय रहेंगे, जो आप के बने बनाये कार्य बिगाड़ सकते हैं। सूझ-बुझ से धनलाभ होगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। निवेश व नौकरी लाभदायक रहेंगे। प्रेम-प्रसंग सफल होंगे।
मिथुन राशि : पारिवारिक कार्यों में भागदौड़ रहेगी। सफलता से आत्मसम्मान बढ़ेगा। तेल तिलहन में निवेश से लाभ होगा। संतान के कारण चिंता तथा तनाव रहेंगे। कार्यस्थल पर प्रसन्नता रहेगी। किसी से भी कटु वचन न बोलें।
कर्क राशि : आप जो सोचते हैं, वह करते नहीं हैं। पहले अपने आप को व्यवस्थित करें। छोटी मानसिकता से आप कभी आगे नहीं बड़ सकते हैं। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। पुराने आर्थिक मामले सुलझ सकते हैं।
सिंह राशि : अपनी चिंता के कारण आप दूसरों पर अपना क्रोध क्यों निकालते हैं। शांत रहें। व्यय वृद्धि से तनाव रहेगा। अकारण झंझटों से दूर रहें। चोट व दुर्घटनादि से हानि संभव है। अध्ययन में अवरोध आ सकता है।
कन्या राशि : दिन अनुभव पूर्ण रहेगा। जीवनसाथी के साथ मतभेद संभव है। बकाया वसूली होगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। फालतू खर्च होगा, विवाद न करें। नए मित्र बनेंगे। पुराने विवाद दोबारा सामने आ सकते हैं।
तुला राशि : अपनी संगत बदलें, आपका संसार बदल जायेगा। अपने आप को सही साबित करने में बड़ी मेहनत करनी होगी। थकान व अस्वस्थता रहेगी। व्यवसायिक नई योजना लागू होगी। कार्यप्रणाली में सुधार तथा लाभ होगा।
वृश्चिक राशि : दिन की शुरुआत में रुक-रुक कर कार्य होंगे। माता-पिता के स्वास्थ का ध्यान रखें। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। नेत्र पीड़ा संभव है। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी।
धनु राशि : संतान के विवाह मामलों में जल्दबाजी न करें। गलत निर्णय जीवन बदल सकता है। जोखिम भरे कार्य टालें। वाहन,मशीनरी व अग्नि आदि के प्रयोग में सावधानी रखें। किसी कार्यक्रम की रूपरेखा बनेगी।
मकर राशि : वन साथी के साथ विवाद संभव है। गृहस्थी के मामले आपसी सहमति से हल होंगे। मांगलिक कार्य की बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। राजनीतिक मामलों में आपका विरोध होगा। विवाद न करें।
कुंभ राशि : संतान की जरूरत पूरी करना अच्छी बात है, पर उनकी जिद जायज हो। आप की निर्णय शक्ति बहूत कमजोर है, इसीलिए आप पिछड़ रहे हैं। अस्वस्थता रह सकती है। संपत्ति के कार्य लाभ देंगे।
मीन राशि : दूसरों की मजबूरी को समझें और सहयोग करें। क्रोध की अधिकता से आप अशांत रहेंगे। पिता से मतभेद समाप्त होंगे। नए कारोबार के बारे में पूरी जानकारी लेकर ही निवेश करें। परिवार में आ रहे समारोह की तैयारी में लगे रहेंगे।



