नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि अभिनेता नसीरुद्दीन शाह दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में पहुंचे थे। पोस्ट में यह भी कहा गया कि उनके साथ उनके बेटे इमाद शाह और विवान शाह भी मौजूद थे। हालांकि, वायरल दावे की पड़ताल में यह पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन निकला।
जांच में सामने आया कि नसीरुद्दीन शाह उस समय जंतर-मंतर पहुंचे ही नहीं थे। इसलिए उनके किसी भी प्रदर्शन या कथित CJP प्रोटेस्ट में शामिल होने का दावा सही नहीं है।
एडिट कर वायरल किया गया वीडियो
वायरल क्लिप में नसीरुद्दीन शाह अपने बेटे के साथ खड़े दिखाई देते हैं और आसपास लोग आते-जाते नजर आते हैं। इसी वीडियो के आधार पर सोशल मीडिया पर यह दावा फैलाया गया कि अभिनेता छात्रों के आंदोलन में शामिल हुए थे, लेकिन सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया।
हालांकि, जांच में पता चला कि वीडियो को काट-छांटकर भ्रामक तरीके से पेश किया गया। मूल वीडियो किसी प्रदर्शन स्थल का नहीं, बल्कि एक थिएटर कार्यक्रम का है। वीडियो का वह हिस्सा हटा दिया गया, जिससे कार्यक्रम की वास्तविक जगह की पहचान हो सकती थी। इसी वजह से लोगों के बीच भ्रम फैलाया गया कि अभिनेता जंतर-मंतर पर मौजूद थे।
कब रिकॉर्ड किया गया था यह वीडियो?
वीडियो की टाइमलाइन भी वायरल दावे को गलत साबित करती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह वीडियो पहली बार 15 जुलाई को सोशल मीडिया पर साझा किया गया था और बाद में 20 जुलाई को फिर पोस्ट किया गया। इसके बाद इसे छात्र प्रदर्शन से जोड़ते हुए नए दावे के साथ वायरल किया गया।
हालांकि, यह भी सच है कि नसीरुद्दीन शाह ने सोशल मीडिया पर CJP प्रोटेस्ट के समर्थन में अपनी राय व्यक्त की थी। लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि वह स्वयं जंतर-मंतर पर मौजूद थे।
जंतर-मंतर पर क्या हुआ था?
सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारी बारिश के बीच बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की। पुलिस ने कई मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी, जिसके बाद कुछ समूह वैकल्पिक रास्तों से आगे बढ़ने लगे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज भी किया।
स्वास्थ्य मंत्री को सौंपा गया ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान CJP के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। इसमें सोनम वांगचुक को अस्पताल से रिहा करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा नीट पेपर लीक मामले में कथित रूप से जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने जैसी मांगें शामिल थीं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इन मांगों पर फिलहाल कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया है। वहीं, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन समाप्त करने और प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की है।
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