देश में मौसम की दो तस्वीरें: कहीं बाढ़ का कहर तो कहीं सूखे का संकट
देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का असर बिल्कुल अलग नजर आ रहा है। उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश और नदियों के उफान ने बाढ़ के हालात पैदा कर दिए हैं, जबकि महाराष्ट्र के कई हिस्से बारिश की कमी के चलते सूखे जैसे संकट का सामना कर रहे हैं। बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में बाढ़ और जलभराव से जनजीवन प्रभावित है, वहीं महाराष्ट्र में पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है। मौसम के इस विरोधाभासी असर से आम लोगों के साथ किसान भी परेशान हैं।
बिहार में बाढ़ से बिगड़े हालात
बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 38 में से 28 जिले बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं। करीब 68.80 लाख हेक्टेयर भूमि के जलमग्न होने से फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। राज्य के बड़े हिस्से में बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है।
गंडक नदी का बांध टूटने के बाद सारण समेत छह जिलों के करीब 255 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में पानी बढ़ने के कारण लोगों को अपने घर छोड़कर सड़कों, हाईवे और अन्य ऊंचे स्थानों पर शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कई जगहों पर प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचने में दिक्कतों की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों में प्रशासन की व्यवस्था को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।
हर साल बाढ़ से निपटने के लिए बड़ी राशि खर्च किए जाने के बावजूद बिहार में बाढ़ की समस्या लगातार गंभीर बनी हुई है। इससे बाढ़ नियंत्रण और स्थायी समाधान को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी बाढ़ का असर
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। गंगा और शारदा समेत करीब 15 प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कई इलाकों में पानी भर गया है।
कृष्ण लोक कॉलोनी से लेकर नंदपुरम तक कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। प्रभावित इलाकों से करीब 10 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई है। गोमती रिवर फ्रंट के पास स्थित हनुमंत धाम मंदिर भी बाढ़ के पानी से प्रभावित हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सिंचाई विभाग को फैजुल्लागंज से नैमिष तक नए बांध के निर्माण के निर्देश भी दिए हैं।
वहीं, मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भी तेज बारिश के कारण खेतों में खड़ी और तैयार फसलों को नुकसान पहुंचने की खबर है। इससे किसान







