दिल्ली में कोचिंग सेंटरों पर सख्ती, सुरक्षा मानकों की जांच के लिए विशेष अभियान शुरू
राजधानी दिल्ली में संचालित कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में शिक्षा मंत्री Ashish Sood ने 24 जून को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में नगर निगम, गृह विभाग, शहरी विकास विभाग, दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) और उच्च शिक्षा निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों और आधारभूत ढांचे से जुड़ी कमियों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि छात्रों की सुरक्षा, कल्याण और जीवन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा, “छात्रों की सुरक्षा और कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी कोचिंग संस्थानों को सरकार और न्यायालय द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करना होगा।”
बैठक में अग्नि सुरक्षा, नियामकीय खामियों, छात्रों के हितों और कुछ संस्थानों द्वारा अपनाई जा रही अनुचित व्यावसायिक गतिविधियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए व्यापक और दीर्घकालिक कदम तत्काल लागू किए जाएं।
मुखर्जी नगर, राजेंद्र नगर और कटवरिया सराय में विशेष निरीक्षण
सरकार ने राजधानी के प्रमुख कोचिंग हब—Mukherjee Nagar, Rajendra Nagar और Katwaria Sarai—में विशेष निरीक्षण अभियान चलाने का फैसला किया है।
इस अभियान के तहत डीडीए, एमसीडी, दिल्ली अग्निशमन सेवा और डीडीएमए की टीमें कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, भवन निर्माण नियमों और अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच करेंगी।
923 कोचिंग संस्थानों की होगी निगरानी
निरीक्षण प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए एमसीडी द्वारा सर्वे किए गए 923 कोचिंग संस्थानों की सूची संबंधित विभागों को उपलब्ध कराई जाएगी। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा एमसीडी को प्रतिदिन की कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट शिक्षा मंत्री कार्यालय को सौंपने के निर्देश भी दिए गए हैं।
तैयार हो रहा नया रेगुलेटरी फ्रेमवर्क
बैठक में यह भी बताया गया कि उच्च शिक्षा निदेशालय कोचिंग संस्थानों के लिए एक व्यापक और मजबूत नियामकीय ढांचा तैयार कर रहा है। इसका उद्देश्य सुरक्षा मानकों को मजबूत करना, जवाबदेही बढ़ाना, व्यवस्थागत खामियों को दूर करना और कोचिंग सेक्टर में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
शिक्षा मंत्री ने दोहराया कि छात्रों के जीवन और सुरक्षा को खतरे में डालने वाली किसी भी लापरवाही पर सरकार कठोर कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि सभी कोचिंग संस्थानों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।






