उत्तर प्रदेश सरकार की तेज़-तर्रार, ईमानदार और स्वच्छ छवि वाली आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल का व्यक्तित्व प्रशासनिक दक्षता, संवेदनशीलता और आध्यात्मिक आस्था का सुंदर संगम है।
आईआईटी दिल्ली से शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने विदेशों में नौकरी की फिर भारत लौट कर आ गयी आने पर सबसे पहले सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर आईपीएस बनने का गौरव हासिल किया और अगले ही वर्ष आईएएस के रूप में चयनित होकर अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया।
2012 बैच की इस अधिकारी ने अपने कार्यकाल में संतकबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया की जिलाधिकारी, वर्तमान में राजस्व विभाग की विशेष सचिव के रूप में जनसेवा का उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। विशेष रूप से मिर्जापुर में जिलाधिकारी रहते हुए उन्होंने अपनी कार्यशैली और जनसरोकारों से लोगों के बीच गहरी पहचान बनाई।
प्रशासनिक दायित्वों के साथ-साथ उनका अध्यात्म के प्रति समर्पण भी प्रेरणादायक है। सावन के सोमवार के व्रत, तीज-त्योहारों की पूजा-अर्चना और समय-समय पर सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किए गए उनके प्रेरक संदेश लाखों लोगों को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं।
उनके द्वारा साझा किया गया यह “सशक्त जीवन मंत्र” वास्तव में हम सभी के लिए प्रेरणा है—
✨ अपनी सीमाओं को समझें और “ना” कहना सीखें।
✨ अपने आप से सच्चे रहें, यही आपकी सबसे बड़ी ताकत है।
✨ दूसरों की स्वीकृति के बजाय अपने आत्मसम्मान को प्राथमिकता दें।
✨ सुविधा क्षेत्र (Comfort Zone) से बाहर निकलकर ही विकास का मार्ग प्रशस्त होता है।
ऐसे प्रेरणादायी विचार केवल सफल प्रशासन ही नहीं, बल्कि सफल जीवन की भी आधारशिला हैं।
दिव्या मित्तल जी को उनके उत्कृष्ट प्रशासनिक कार्यों एवं समाज को सकारात्मक दिशा देने वाले संदेशों के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ।
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यह एक आंकलन मात्र है…







