Home » ताजा खबर » क्या सिर्फ डिग्री ही सफलता की गारंटी है? शिक्षा बनाम कौशल पर बड़ी बहस

क्या सिर्फ डिग्री ही सफलता की गारंटी है? शिक्षा बनाम कौशल पर बड़ी बहस

हमारे पड़ोसी। शर्मा जी ने अपने लड़के को PCM दिलवाया..
3 साल तक 3000 महीने की ट्यूशन लगवाई
फिर 12वी में 50,000 की कोचिंग करवाई

एक साल तक IIT से लेकर ITI तक के इम्तिहान दिलाने में करीब 2 लाख गवाया।

फिर 5 लाख डोनेशन देकर एक प्राइवेट कॉलेज से लड़के को BTec करवाया

4 साल ग्रेजुएशन में लगाने के बाद 10 लाख रु खर्चा आया।

फिर MTec करने में लड़के ने 2 साल और लगाया

शर्मा जी पर 5 लाख का एडिशनल बोझ आया।

इंजीनियर बनकर भी लड़के को नौकरी का आफर नही आया।

एक साल की घिसाई के बाद लड़के ने 40 हज़ार का स्टार्टिंग आफर पाया।

शर्मा जी ने लड़के की नौकरी लगने पर मोहल्ले में लड्डू बटवाये

उधर..

शर्मा जी ने जब मकान बनवाया, तो सलीम ठेकेदार ने 35 लाख का एस्टीमेट बताया।

फैजू फेब्रिकेटर ने 40 हज़ार में गेट बनाया।

आसिफ बढ़ई से 6 लाख का लकड़ी का काम करवाया।

दानिश बिजलीवाले से 2 लाख का बिजली फिटिंग करवाया।

इस्लाम भाई से 80 हज़ार में प्लंबिंग का काम करवाया।

फैज़ल से 2 लाख में पेंटिंग करवाया। इरफान से 65 हज़ार में POP करवाया।

हाफिज भाई से डेढ़ लाख में मोड्यूलर किचन बनवाया।

इस्माइल भाई से 3000 हज़ार में मलबा हटवाया।

आमिर गैराज से 15000 में गाड़ी का डेंट पेंट करवाया।

उनकी बीबी ने 1000 रु में मकबूल दर्ज़ी से ब्लाउज़ सिलवाया।

उनकी बेटी ने जावेद हबीब से 8000 रु में बालों में केरेटिन करवाया ।

अब …..शर्मा जी का बेटा 30 लाख खर्चा करका के, इंजीनियरिंग नौकरी से 40 हज़ार रु महीना कमाता है
सारे दिन AC दफ्तर में कुर्सी पर बैठा बैठा बोरा हुआ जा रहा
नवरात्रि में माता के व्रत भी रखता है सिर्फ जूस व्रत के नमकीन कुट्टू के आटे की पुरी सेंधा नमक की सब्जी खाता है बस

और ….

सलीम भाई ने ठेकेदारी करके अपने लड़के के लिए बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन की 2 दुकान खोल दी अब वो मैट्रिक fail डेढ़ लाख महीना कमाता है।

निशात फेब्रिकेटर अपने 2 भाइयों के साथ 90 हज़ार से 120,000 महीना कमाता है

आसिफ कारपेन्टरी से रोज़ के दो से 3 हज़ार रु कमाता है और एक पक्का मकान है।

दानिश बिजली के काम से 70 से 80 हज़ार महीना कमाता है।

इस्लाम अपने 3 plumber को 500 रु रोज़ देकर खुद 70 हज़ार महीना कमाता है।

फैज़ल साल के 10 से 12 लाख रु कमाता है और गांव में 10 बीघा में खेती करवाता है.. बेटा दुबई में 50 हज़ार महीना कमाता है।

हाफिज भाई एक मोड्यूलर किचन से 20% मुनाफा लेता है।

इस्माइल कबाड़ी के बेटे कबाड़ की दुकान पर बैठकर swift car चलाते हैं और 3 बाइक हैं।

मकबूल भाई अन्य कारिगरों को 300 रु प्रति ब्लाउज़ में सिलवा के शर्मा जी की बीबी से उसके 1000 रु लेते हैं ।

जावेद हबीब सैलून की मालिक साफिया 5000 रु की तनख्वाह वालों से केरेटिन करवा कर आपकी बेटी से 8000 लेती है ..5 साल में उसने 3 सैलून बना लिये
पूरे रमादान में रोजे रखते बिना पानी की एक बूंद भी पीए मानो मन और तन को मजबूती दे रहे किसी बड़ी लड़ाई के लिए

शर्मा जी अपने पैसे अपने बच्चों के लिए नही दानिश, आसिफ, इस्माइल, मकबूल और हाफिज के लिए कमा रहे हैं और उनका बेटा भी यही करेगा…!

मैं समझाता हूँ…हिन्दुओं को आरक्षण और नौकरी के झुनझुने का लालच देकर माइंड वाश कर दिया, 12वीं पास हिन्दू भी नौकरी ढूँढता है

जबकि दूसरी ओर अनपढ़ ईमान वालो ने धीरे धीरे सभी व्यवसाय पर कब्जा कर लिया है।

यही है शाश्वत सत्य

यकीन नहीं होता तो शुक्रवार को। अपने आस पास जहां सामूहिक नमाज अता की जाती हो वहां आए हुए नामजियो के वाहनों पर नजर डाल लेना
जय श्री जगन्नाथ महाप्रभु 🙏🙏 गंभीर समस्या है.

साभार: सोशल मीडिया

Diclaimer : इसका हमारी The भारत SSSRK News24x7 समाचार और राष्ट्र दर्शन (सबसे तेज़, सबसे आगे…),
यह एक आंकलन मात्र है…

sssrknews
Author: sssrknews

इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया जारी करें

Leave a Comment

Share This