दिल्ली में पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़, 7 गिरफ्तार; हथियार और ड्रग्स सप्लाई रैकेट का खुलासा
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े पाकिस्तान समर्थित आतंकी और आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क पाकिस्तान में बैठे शाहजाद भट्टी और उसके सहयोगी अजमल गुज्जर के निर्देशों पर संचालित किया जा रहा था। जांच में सामने आया है कि गिरोह पंजाब के रास्ते पाकिस्तान से अवैध हथियार, कारतूस और नशीले पदार्थ मंगवाकर दिल्ली-एनसीआर में उनकी सप्लाई करता था।
सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को बनाया जाता था हिस्सा
स्पेशल सेल की कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से पांच पिस्टल, 41 जिंदा कारतूस, सात मोबाइल फोन और एक स्कॉर्पियो वाहन बरामद किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से युवाओं को अपने नेटवर्क में शामिल करता था। उन्हें कम समय में अधिक पैसा कमाने और अपराध की दुनिया की चमक-दमक का लालच देकर फंसाया जाता था। इसके बाद उन्हें हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसी गतिविधियों में लगाया जाता था।
बड़ी आतंकी साजिशों की थी तैयारी
पुलिस को मई 2026 में सूचना मिली थी कि शाहजाद भट्टी और अजमल गुज्जर दिल्ली-एनसीआर में बड़ी आपराधिक और आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की साजिश रच रहे हैं। सूचना के आधार पर जांच शुरू की गई, जिसके दौरान मोहित उर्फ योगी को गिरफ्तार किया गया।
उसके पास से अवैध हथियार बरामद हुए और पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों से संपर्क के सबूत भी मिले। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
संवेदनशील स्थानों की हो रही थी रेकी
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य दिल्ली, गाजियाबाद और आसपास के कई संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी कर रहे थे। इन स्थानों की तस्वीरें और वीडियो बनाकर पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को भेजे जा रहे थे।
पुलिस का कहना है कि समय रहते की गई कार्रवाई से कई संभावित आतंकी साजिशों को नाकाम कर दिया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से भेजी गई हथियारों और नशीले पदार्थों की खेप को पंजाब से उठाकर दिल्ली-एनसीआर तक पहुंचाने का काम करते थे।
जांच जारी, हो सकते हैं और बड़े खुलासे
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ पर पहले से हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं।
फिलहाल दिल्ली पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े फरार आरोपियों, हथियार सप्लायरों और फंडिंग करने वाले लोगों की तलाश में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।






