बीजेपी पर सांप्रदायिक होने का आरोप लगाने वाले सारे सेकुलर कहां मर गए आज? भगवंत मान की पूरी मंत्रिपरिषद आज अकाल तख्त के सामने सरेंडर थी। यानी अब सरकारें इस तरह चलेंगी?
सेक्युलरिज़्म तभी खत्म होता है जब आर्मी चीफ़ किसी हिंदू संत को प्रणाम करता है या जब हिंदू पुजारी शस्त्र पूजा करते हैं?
इस बीच पंजाब में जो हो रहा है वह बिल्कुल ठीक है, अब एक धार्मिक संस्था राज्य के बारे में सारे फ़ैसले लेगी। मोदी को आज ही मान सरकार को बर्खास्त कर देना चाहिए।
आज अकाल तख्त साहिब ने पंजाब सरकार को सिख भावनाओं के अनुसार जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (अमेंडमेंट) एक्ट, 2026 में बदलाव करने के लिए एक महीने का समय दिया है। मौजूद सिख MLA और मंत्रियों ने हाथ उठाकर एकमत से सहमति जताई।
पंजाब के लिए बहुत दुख होता है। वह दिन दूर नहीं जब इन लोगों का दखल और भी ज़्यादा बढ़ जाएगा।एक चुनी हुई सरकार की वैधता को चुनौती दी जा रही है। इससे यह संदेश जाता है कि ये धार्मिक संस्थाएं सरकार से ज़्यादा ताकतवर हैं।
अब पंचायत, ब्लॉक और ज़िला लेवल पर भी सरकारी अधिकारियों को नज़रअंदाज़ करने और दबाने का ट्रेंड शुरू हो जाएगा। ये बेहद बुरी परंपरा है। और ये देश के लोकतांत्रिक इतिहास में शर्मनाक दिन है। एक कमजोर मुख्यमंत्री और राजनीतिक दल ऐसा सरेंडर कर रहे हैं अपनी जान बचाने के लिए?






