भातीज व्रत कथा महत्व पूजा विधि एवं आज का आपका राशिफल क्या है…???
हिंदू धर्म के पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को ‘रंभा तृतीया’ या ‘रंभा तीज’ के रूप में मनाया जाता है। इस साल यह व्रत 17 जून 2026 को रखा जाएगा। यह व्रत महिलाओं के लिए सुंदरता, सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन का प्रतीक माना जाता है।
सौभाग्य के लिए रंभा तृतीया का व्रत
मान्यता है कि खुद रंभा ने भी सौभाग्य प्राप्ति के लिए यह व्रत किया था। 17 जून 2026 को होने वाले इस व्रत में महिलाएं शिव-पार्वती और लक्ष्मी जी की पूजा करती हैं।
अविवाहित कन्याएं: मनचाहा वर पाने के लिए यह व्रत रखती हैं।
विवाहित महिलाएं: इस दिन सोलह श्रृंगार करती हैं और अनाज, फूलों के साथ चूड़ियों के जोड़े की पूजा करती हैं ताकि उनका सुहाग बना रहे।
समुद्र मंथन से निकली थीं रंभा
पौराणिक कथाओं (वाल्मीकि रामायण के बाल कांड (सर्ग 64) के अनुसार, जब देवताओं और असुरों के बीच समुद्र मंथन हुआ था, तो उसमें से 14 अनमोल रत्न निकले थे। रंभा उन्हीं रत्नों में से एक थीं। वे तीनों लोकों में अपनी सुंदरता और नृत्य कला के लिए प्रसिद्ध थीं। उनकी आभा इतनी दिव्य थी कि उन्हें स्वर्ग की सबसे श्रेष्ठ अप्सरा का दर्जा मिला।
जब ऋषि विश्वामित्र ने दिया पत्थर बनने का श्राप
रंभा की सुंदरता ही कई बार उनके लिए संकट बन गई। रामायण के बाल कांड के अनुसार, इंद्रदेव ने ऋषि विश्वामित्र की घोर तपस्या को भंग करने के लिए रंभा को धरती पर भेजा था। जब रंभा ने अपनी कला से ऋषि का ध्यान भटकाने की कोशिश की, तो विश्वामित्र क्रोधित हो उठे। उन्होंने रंभा को श्राप देते हुए कहा, “तूने मेरी तपस्या में बाधा डाली है, इसलिए तू हजारों वर्षों तक पृथ्वी पर पत्थर की शिला (मूर्ति) बनकर रहेगी।”
रंभा के क्षमा मांगने पर ऋषि का मन पिघला और उन्होंने मुक्ति का रास्ता बताया। स्कंद पुराण के अनुसार, बाद में श्वेतमुनि के प्रयासों और एक परम तपस्वी ब्राह्मण के सानिध्य से रंभा को इस श्राप से मुक्ति मिली और वे वापस अपने असली स्वरूप में आईं।
रावण और रंभा का वो भयानक श्राप
रंभा की कहानी का एक सिरा लंकापति रावण से भी जुड़ा है। रंभा का विवाह कुबेर के पुत्र नलकुबेर से हुआ था, इस नाते वे रावण की पुत्रवधू (बहू) के समान थीं। लेकिन, रावण उनकी सुंदरता पर मोहित हो गया और उनके साथ अभद्रता की। इससे आहत होकर रंभा ने रावण को श्राप दिया कि ‘यदि वह भविष्य में किसी भी स्त्री की इच्छा के विरुद्ध उसे स्पर्श करेगा, तो वह उसी क्षण भस्म हो जाएगा।’
माना जाता है कि यही वह मुख्य कारण था जिसके डर से रावण ने माता सीता का हरण करने के बाद भी उन्हें कभी हाथ नहीं लगाया।
रंभा की पूजा और आराधना करने के लाभ
ऐसा माना जाता है कि रंभा की पूजा-अर्चना करने से भयंकर से भयंकर बीमारियों से भी मुक्ति मिल जाती है।
उनकी पूजा करने से युवा और स्वस्थ बने रहने में मदद मिलेगी। वे अपनी उम्र से कहीं अधिक युवा दिखेंगे।
जिन लोगों को रंभा का आशीर्वाद प्राप्त होता है, वे आकर्षक, सुंदर और आकर्षक होते हैं और आसानी से लोगों का दिल जीत लेते हैं।
उस व्यक्ति की मनोकामना पूरी हो जाएगी।
वह व्यक्ति अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह कर सकेगा/सकती है।
रंभा पूजा विधि
उनकी पूजा करने से युवा और स्वस्थ बने रहने में मदद मिलेगी। वे अपनी उम्र से कहीं अधिक युवा दिखेंगे।
जिन लोगों को रंभा का आशीर्वाद प्राप्त होता है, वे आकर्षक, सुंदर और आकर्षक होते हैं और आसानी से लोगों का दिल जीत लेते हैं।
उस व्यक्ति की मनोकामना पूरी हो जाएगी।
वह व्यक्ति अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह कर सकेगा/सकती है।
आज का आपका राशिफल
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज आपका दिन मंगलमय होगा। पिछले कुछ समय से जिन कार्यों के प्रति आप मेहनत कर रहे थे, आज उनके शुभ परिणाम उम्मीद से ज्यादा प्राप्त होंगे। नजदीकी रिश्तेदारों के घर जाने का आमंत्रण मिल सकता है। आपसी मेलजोल से समय अच्छा व्यतीत होगा। धार्मिक कार्यों के प्रति भी रुझान बढ़ेगा। थकावट रहेगी व हल्की चिंता सताएगी। मन अनमना सा रह सकता है। स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी , वु , वे, वो)
आज आप मन की सुनेंगे और लाभान्वित भी होंगे । व्यवसाय संबंधी कोई भी डील फाइनल करते समय समझदारी और सूझबूझ से काम लेते हुए लाभ प्राप्त करेंगे । कुछ नए आर्डर व अनुबंध भी मिलने की संभावना है। लाभ के स्रोत बढ़ने के योग बने हुए हैं। इसलिए भरपूर मेहनत करें। स्वास्थ्य बढिया रहेगा।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज आपका दिन अनुकूल होगा।
आपके रुके हुए राजकीय काम किसी प्रभावशाली व्यक्ति की मदद से सुलझ सकते हैं, इसलिए प्रयासरत रहें। बच्चों की समस्याओं को सुचारू रूप से सुलझाने में भी आपका विशेष योगदान रहेगा। तथा आप अच्छे अभिभावक भी साबित होंगे। जीवनसाथी की सलाह सर्वोत्तम होगी। स्वास्थ्य लाभ होगा।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज आपका दिन मनोनुकूल होगा। फिर भी व्यवसाय संबंधी कार्यों में नकारात्मक प्रवृत्ति के लोगों से दूरी बनाकर रखें। तथा अनैतिक कार्यों में भी किसी भी प्रकार की रुचि ना लें। परिवार कुटुम्ब के साथ समय बिताएँ मानसिक सन्तुष्टि होगी । नौकरी पेशा लोग अपने काम से मतलब रखें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज भाग्य और मेहनत दोनों ही अनुकूल रहेंगे। घर के वरिष्ठ व्यक्तियों का मान सम्मान संबंधित ध्यान रखना तथा उनके साथ समय व्यतीत करना उन्हें खुश व स्वस्थ तथा आपको आत्मिक खुश रखेगा। उनकी मदद से चल रहा कोई पारिवारिक मसला भी हल होगा। घर में मेहमानों की आवाजाही से चहल-पहल रहेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज रोजगार के लिए शुभ योग हैं । आध्यात्म में रूचि बनेगी । परिवार का सहयोग मिलेगा। कोई शुभ समाचार मिल सकता है । मनोरंजन के लिए समय मिलेगा । नौकरी पेशा व्यक्तियों के लिए स्थान परिवर्तन के ऑर्डर आ सकते हैं। विद्यार्थियों की रूचि पढाई करने में बनेगी। स्वास्थ्य लाभ निश्चित है।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज आप रोजमर्रा की दिनचर्या से हटकर कुछ समय आत्म अवलोकन करने में भी व्यतीत करें। इससे आपको अपने काफी उलझी हुई व्यक्तिगत चीजों को व्यवस्थित करने में आसानी होगी। साथ ही अभी तक लग रहे असंभव कार्य को भी संभव करने संबंधी रूपरेखा बनेगी। मन प्रसन्न रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज आपका दिन सन्तुष्टि करने वाला होगा। ऊर्जा का विकास होगा ।किसी भी काम को दूसरे के साथ मिलकर करने की अपेक्षा अपनी कार्य क्षमता पर ही विश्वास रखें। बाहरी गतिविधियों पर ध्यान देने की अपेक्षा अपने कार्यस्थल पर ही समय व्यतीत करें। कार्य संबंधी सभी नकारात्मक और सकारात्मक पहलुओं पर विचार करें। स्वास्थ्य सही रहेगा।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज किसी भी कार्य को शुरू करने के लिए दिन शुभ रहेगा। आपके सितारे तथा भाग्य आपके लिए शुभ अवसर का निर्माण कर रहे हैं। इन अवसरों का भरपूर स्वागत करें। तथा अपनी कार्य क्षमता और योग्यता पर विश्वास रखें। आप प्रत्येक काम को हल करने में सक्षम रहेंगे। कुछ नजदीकी लोगों के साथ मेल मुलाकात भी होगी। बड़ो से आशीर्वाद लें। स्वास्थ्य में सुधार होगा ।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज व्यापार में कुछ महत्वपूर्ण योजनाओं को कार्य रूप देने में किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति रहेगी। बेहतर होगा कि किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह अवश्य लें। नौकरीपेशा व्यक्ति भी ऑफिस में सामंजस्य बिठाने में कुछ असहज महसूस करेंगे।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज आपका दिन शुभ रहेगा। कार्य क्षेत्र में वर्तमान में जैसा चल रहा है, उसी पर ही ध्यान केंद्रित रखें। दूर-दराज की पार्टियों के साथ संपर्कों को और अधिक मजबूत करेंगे। इससे आपको बेहतरीन आर्डर प्राप्त होंगे। नौकरी पेशा व्यक्ति अपने अधिकारियों के साथ संबंध मधुर बनाए रखें । माता पिता बड़े बुजुर्गों की सेवा का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज आपका दिन अनुकूल परिणाम वाला होगा। इस समय वर्तमान कार्यों पर ध्यान केंद्रित रखना उचित है। भविष्य की योजना संबंधी किसी कार्य को करने का शुभ अवसर है। इस समय ग्रह गोचर आपके चलते कार्यों को गति प्रदान कर रहा है। पारिवारिक व्यक्तियों का सहयोग भी आपके कई दुविधाओं को दूर करेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
पुष्य नक्षत्र योग
18 जून 2026 गुरुवार को सूर्योदय से दोपहर 11:32 तक गुरुपुष्यामृत योग है ।
१०८ मोती की माला लेकर जो गुरुमंत्र का जप करता है, श्रद्धापूर्वक तो २७ नक्षत्र के देवता उस पर खुश होते हैं और नक्षत्रों में मुख्य है पुष्य नक्षत्र, और पुष्य नक्षत्र के स्वामी हैं देवगुरु ब्रहस्पति | पुष्य नक्षत्र समृद्धि देनेवाला है, सम्पति बढ़ानेवाला है | उस दिन ब्रहस्पति का पूजन करना चाहिये | ब्रहस्पति को तो हमने देखा नहीं तो सद्गुरु को ही देखकर उनका पूजन करें और मन ही मन ये मंत्र बोले –
ॐ ऐं क्लीं ब्रहस्पतये नम : |…… ॐ ऐं क्लीं ब्रहस्पतये नम : |
कैसे बदले दुर्भाग्य को सौभाग्य में
बरगद के पत्ते पर गुरुपुष्य या रविपुष्य योग में हल्दी से स्वस्तिक बनाकर घर में रखें |
गुरुपुष्यामृत योग
‘शिव पुराण’ में पुष्य नक्षत्र को भगवान शिव की विभूति बताया गया है | पुष्य नक्षत्र के प्रभाव से अनिष्ट-से-अनिष्टकर दोष भी समाप्त और निष्फल-से हो जाते हैं, वे हमारे लिए पुष्य नक्षत्र के पूरक बनकर अनुकूल फलदायी हो जाते हैं | ‘सर्वसिद्धिकर: पुष्य: |’ इस शास्त्रवचन के अनुसार पुष्य नक्षत्र सर्वसिद्धिकर है | पुष्य नक्षत्र में किये गए श्राद्ध से पितरों को अक्षय तृप्ति होती है तथा कर्ता को धन, पुत्रादि की प्राप्ति होती है |
इस योग में किया गया जप, ध्यान, दान, पुण्य महाफलदायी होता है परंतु पुष्य में विवाह व उससे संबधित सभी मांगलिक कार्य वर्जित हैं | (शिव पुराण, विद्येश्वर संहिताः अध्याय 10
कुछ विशेष अचूक ज्योतिषी उपाय
जन्मकुंडली में यदि ग्यारहवें घर में शनि हो,तो मुख्य द्वार की चौखट बनाने से पहले उसके नीचे चंदन दबा दें, सुख-
समृद्धि से घर सुशोभित रहेगा।
भवन-निर्माण से पहले भूखंड पर पांच ब्राह्मणों को भोजन करना बहुत शुभ होता है. इससे घर में धन, ऐश्वर्य व सुखों का वास होता है. बच्चे भी संस्कारी व आज्ञाकारी होते हैं।
यदि जीवन समस्याओं व दुखों से भरा हो, तो सौ ग्राम साबुत चावल किसी तालाब में डाल दें।
यदि घर में मां को लगातार कोई कष्ट सता रहा हो, तो 121 पेड़े लेकर बच्चों को बांट दें कष्ट दूर हो जाएगा.
यदि जमीन जायदाद लाख कोशिशों के बावजूद अधिक दामों न बिक पा रहा हो, तो कभी- कभी चाय की पत्ती जमादार को दें. चांदी का चैकोर टुकड़ा सदैव अपने पास रखें औरचांदी के गिलास में ही पानी पीएं. हमेशा सफेद टोपी पहनें. संपत्ति अधिक दामों में बिक जाएगी।
राहु ग्रह की अशुभता दूर
करनी हो, तो भगवती काली की उपासना करें राहु अशुभ
हो तो अचानक शारीरिक कष्ट होता है. चांदी की चेन गले में पहनें, राहत मिलेगी. कुत्तों को रोटी अवश्य खिलाएं, गरीबों को सूज़ी का हलवा अपने हाथ से बांटें, कष्ट दूर होगा।
यदि व्यवसाय या रोजगार में विघ्न बहुत आ रहे हों तो दस अंधों को भोजन कराएं और गुलाब जामुन खिलाएं। अपने माता-
पिता की सेवा करें, विघ्न अपने आप दूर हो जाएंगे।
पढाई करते वक्त विशेष कर नींद आए और पढ़ाईमें मन न लगे, रुकावटें आएं तो इसके लिए पूर्व की तरफ सिरहाना करके सोएं. रोज रामायण के सुन्दरकांड के कुछ अंशों का पाठ करना चाहिए. इसके साथ-साथ सवा 5 रत्ती का एक खूबसूरत मोती और सवा 6 रत्ती का मूंगा चांदी की अंगूठी में जड़वा कर क्रमशः छोटी अंगुली औरअनामिका में धारण करें . पढ़ते वक्त नींद नहीं आएगी तथा इस उपाय से परीक्षा रुकावटें दूर हो जाती हैं।






