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सोमवती अमावस्या 2026: पितृ शांति, शिव आराधना और आध्यात्मिक पुण्य का दुर्लभ संयोग

नोट 👉 मुहूर्त तिथि के समय में 5,7 मिनट का अंतर हो सकता है
#सोमवतीअमावस्या हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यदायी और दुर्लभ तिथि मानी जाती है। जब अमावस्या तिथि सोमवार के दिन पड़ती है, तो उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। वर्ष 2026 में सोमवती अमावस्या 15 जून, सोमवार को पड़ रही है, इसलिए इस दिन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है।सोमवती अमावस्या को पितरों की शांति और भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष तिथि माना जाता है। सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है और अमावस्या तिथि पितरों की पूजा के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। जब ये दोनों योग एक साथ आते हैं, तो यह दिन अत्यंत शुभ और प्रभावशाली बन जाता है।

ऐसा माना जाता है कि इस दिन पितरों के लिए तर्पण करने से उन्हें शांति मिलती है और उनके आशीर्वाद से जीवन की बाधाएँ कम हो जाती हैं। साथ ही भगवान शिव की आराधना करने से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।​

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Author: sssrknews

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