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अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर दुनिया की नजर, कतर से फ्रांस तक नेताओं ने क्या कहा?

अमेरिका-ईरान शांति समझौते का वैश्विक स्वागत, कतर से फ्रांस तक नेताओं ने बताया ऐतिहासिक कदम

अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौते को लेकर दुनिया के कई देशों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विभिन्न वैश्विक नेताओं ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे पश्चिम एशिया में स्थिरता, आर्थिक सुधार और क्षेत्रीय शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता प्रभावी रूप से लागू होता है, तो क्षेत्र में लंबे समय से जारी तनाव कम हो सकता है। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के दोबारा खुलने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

कतर ने बताया शांति की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी ने समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि यह क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने भविष्य की वार्ताओं को रचनात्मक और सहयोगात्मक माहौल में आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई।

कतर के विदेश मंत्रालय ने भी बयान जारी कर कहा कि यह समझौता क्षेत्र में आर्थिक विकास और स्थिरता को मजबूत करने में सहायक साबित हो सकता है।

तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगन ने की सराहना

तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने इस घटनाक्रम को क्षेत्र में शांति और सुरक्षा स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया लंबे समय से ऐसे समाधान की प्रतीक्षा कर रही थी और उम्मीद जताई कि यह समझौता स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त करेगा।

उन्होंने इस प्रक्रिया में सहयोग देने वाले देशों, विशेष रूप से कतर और सऊदी अरब, का भी आभार व्यक्त किया।

ब्रिटेन ने कहा- क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम कदम

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने समझौते को युद्ध समाप्त करने और क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने उन सभी देशों और मध्यस्थों को बधाई दी जिन्होंने वार्ता प्रक्रिया को सफल बनाने में भूमिका निभाई।

स्टारमर ने समझौते के पूर्ण क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारी आवश्यक होगी।

जर्मनी ने बताया बड़ी राजनयिक सफलता

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने इस समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि यह वैश्विक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। उनके अनुसार, यह पहल न केवल मध्य पूर्व को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद करेगी, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी नई गति दे सकती है।

फ्रांस ने शीघ्र क्रियान्वयन पर दिया जोर

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने समझौते को जल्द लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी बाधा के फिर से खोलना अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

मैक्रों ने यह भी कहा कि यह समझौता क्षेत्रीय सुरक्षा, परमाणु कार्यक्रमों और अन्य रणनीतिक मुद्दों पर व्यापक संवाद का मार्ग खोल सकता है।

19 जून को हस्ताक्षर होने का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता अंतिम रूप ले चुका है और इस पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर किए जाएंगे।

हालांकि, समाचार लिखे जाने तक ईरान की ओर से इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

यदि समझौता औपचारिक रूप से लागू होता है, तो इसे पश्चिम एशिया में लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने और वैश्विक आर्थिक स्थिरता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जाएगा।

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Author: sssrknews

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