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अभिषेक बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें! MP हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट पर लगी रोक हटाई

अभिषेक बनर्जी को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट पर लगी रोक हटाई; कभी भी हो सकती है कार्रवाई

जबलपुर: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर लगी अंतरिम रोक को समाप्त कर दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश की प्रति तत्काल ट्रायल कोर्ट को भेजने के निर्देश भी दिए हैं। इस फैसले के बाद मध्य प्रदेश पुलिस उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई कर सकती है।

क्यों हटाई गई गिरफ्तारी पर रोक?

दरअसल, यह मामला भाजपा नेता और पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय को कथित रूप से “गुंडा” कहे जाने से जुड़ा है। इस मामले में जारी गिरफ्तारी वारंट के खिलाफ अभिषेक बनर्जी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। लेकिन सुनवाई के दौरान उनकी ओर से कोई वकील अदालत में उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए गिरफ्तारी वारंट पर लगी अंतरिम रोक हटा दी।

अब कानूनी प्रक्रिया के तहत मध्य प्रदेश पुलिस आवश्यकता पड़ने पर कोलकाता जाकर भी कार्रवाई कर सकती है।

क्या है पूरा मामला?

विवाद की शुरुआत नवंबर 2020 में हुई थी। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आयोजित एक राजनीतिक सभा के दौरान अभिषेक बनर्जी ने कथित तौर पर भाजपा नेता आकाश विजयवर्गीय के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए उन्हें “गुंडा” कहा था।

आकाश विजयवर्गीय ने इस बयान को अपनी प्रतिष्ठा के खिलाफ बताते हुए वर्ष 2021 में भोपाल स्थित विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में मानहानि का मामला दर्ज कराया था। उनका कहना था कि इस टिप्पणी से उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा है।

गिरफ्तारी वारंट क्यों जारी हुआ?

मानहानि मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने अभिषेक बनर्जी को कई बार समन जारी किए, लेकिन वे व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित नहीं हुए। लगातार अनुपस्थिति के बाद भोपाल की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया था।

इसके बाद अभिषेक बनर्जी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उनकी ओर से दलील दी गई थी कि वे एक निर्वाचित सांसद हैं और उनके फरार होने की कोई संभावना नहीं है। साथ ही व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट संबंधी आवेदन पर निचली अदालत द्वारा उचित विचार नहीं किए जाने की बात भी कही गई थी।

हालांकि अब हाईकोर्ट द्वारा अंतरिम राहत समाप्त किए जाने के बाद मामला फिर से उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो गया है।

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Author: sssrknews

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