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विनायक चतुर्थी, गुरु-पुष्यामृत योग और दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग: जानिए शुभ उपाय, वास्तु टिप्स और जीवन में सफलता के रहस्य

आज विनायक (गणेश)चतुर्थी व्रत,गुरुपुष्यामृत योग (सूर्योदय से दोपहर 11:32 तक)

किसीको मिर्गी की तकलीफ हो तो
किसीको मिर्गी की तकलीफ है तो २ चम्मच प्याज का रस पिलाकर ऊपर से आधा चम्मच भुना हुआ जीरा खिला दो | मिर्गी की बीमारी में ५ – १० दिन में लाभ होगा |

क्रोध आये तो
क्रोध दूर करने का एक सरल प्रयोग भी है क्रोध आये तो मुट्ठियाँ बंद कर लो | दोनों हाथों की मुट्टियाँ ऐसे बंद करें कि नखों के दबाव से हथेलियाँ दबें | इससे क्रोध दूर होने में मदद मिलेगी |’

वास्तु शास्त्र
बर्तन
कई लोग घर में टूटे-फूटे बर्तन भी रखे रहते हैं जो कि अशुभ प्रभाव देते हैं। शास्त्रों के अनुसार घर में टूटे-फूटे बर्तन नहीं रखना चाहिए। यदि ऐसे बर्तन घर में रखे जाते हैं तो इससे महालक्ष्मी असप्रसन्न होती हैं और दरिद्रता का प्रवेश हमारे घर में हो सकता है। टूटे-फूटे और बेकार बर्तन घर में जगह भी घेरते हैं, इससे वास्तु दोष भी उत्पन्न होता है। वास्तु दोष उत्पन्न होने पर नकारात्मक फल मिलने लगते हैं।

भूत प्रेत मैली विद्या
रोज सुबह नहाकर सूर्य भगवान को जल देकर ही कुछ खाएं पियें।
४ बार गायत्री मंत्र बोल कर सूर्य को जल देनेवाले पर भूत प्रेत मैली विद्या असर नहीं करती।

कई वर्षों के बाद कल बृहस्पति का गुरु पुष्य योग के दिन पुष्‍य नक्षत्र में गोचर करें पांच उपाय
18 जून 2026 गुरुवार को ज्योतिष की दृष्टि से एक अत्यंत दुर्लभ और महाशुभ संयोग बन रहा है, जिसे ‘गुरु-पुष्य अमृत योग’ कहा जाता है गुरु पुष्य योग तब बनता है जबकि गुरुवार के दिन पुष्‍य नक्षत्र रहता है, लेकिन इस बार गुरुवार के ही दिन बृहस्पति नक्षत्र परिवर्तन करके पुष्य नक्षत्र में प्रवेश भी कर रहे हैं और इसी दिन सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है इस दिन चंद्रमा अपनी ही राशि कर्क में गुरु और शुक्र के साथ मौजूद रहेंगे, जो सुख-समृद्धि के लिए एक अद्भुत योग है।

गुरु पुष्य योग
पुष्य नक्षत्र को सभी 27 नक्षत्रों का राजा और सबसे शुभ माना जाता है। जब यह नक्षत्र गुरुवार के दिन आता है, तो ‘गुरु-पुष्य योग’ का निर्माण होता है। इस महायोग में सोना चांदी,भूमि, वाहन या किसी भी नए व्यापार की शुरुआत करना अत्यंत अक्षय फलदायी माना जाता है इस दिन किए गए निवेश या खरीदारी में लगातार वृद्धि होती है।

बृहस्पति का नक्षत्र परिवर्तन
बृहस्पति यानी गुरु ग्रह कल 18 जून को शनि के नक्षत्र पुष्‍य में प्रवेश कर जाएंगे जहां वे 18 अगस्त तक रहेंगे पुष्य को ‘नक्षत्रों का राजा’ माना जाता है, जिसके देवता स्वयं बृहस्पति हैं और स्वामी शनि देव हैं चूंकि गुरु इस समय अपनी सबसे शक्तिशाली (उच्च) स्थिति में हैं,अधिकांश राशियों के लिए सकारात्मक रहेगा इससे कर्क, धनु, कन्या, वृश्‍चिक और मकर राशि को लाभ होगा।

दुर्लभ योग में करें ये पांच उपाय
केसर का तिलक
गुरु ग्रह का सीधा संबंध पीले रंग और खुशहाली से है इस गोचर के दौरान रोज सुबह स्नान करने के बाद अपने माथे और नाभि पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं इससे आपकी कुण्डली में गुरु मजबूत होंगे,समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा और नकारात्मक ऊर्जा आपसे कोसों दूर रहेगी।

विष्णु सहस्रनाम का पाठ
पुष्य नक्षत्र के देवता खुद बृहस्पति हैं और भगवान विष्णु इसके प्रधान देव हैं। इस गोचर अवधि में रोज या हर गुरुवार को विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या उसे सुनें अगर आपका पैसा कहीं फंसा हुआ है या कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है, तो इस उपाय से धन आगमन के नए रास्ते खुलेंगे।

पीली चीजों’ का गुप्त दान
इस दौरान किसी मंदिर में या किसी जरूरतमंद ब्राह्मण को पीले रंग की चीजें दान करें दान में आप चने की दाल, केला, पीले वस्त्र, धार्मिक पुस्तकें या हल्दी दे सकते हैं। शास्त्रों के अनुसार, गुरु के पुष्य नक्षत्र में रहने के दौरान किया गया पीली वस्तुओं का दान घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होने देता।

केले के वृक्ष का पूजन (करियर और विवाह बाधा के लिए)
हर गुरुवार को सुबह उठकर केले के वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करें जल में थोड़ी सी हल्दी, चने की दाल और गुड़ जरूर मिला लें इसके बाद वहां शुद्ध घी का दीपक जलाकर गुरु के मंत्र “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” का जाप करें।

नौकरी और बिजनेस में आ रही रुकावटें खत्म होंगी और जिन लोगों के विवाह में देरी हो रही है, उनके योग जल्दी बनेंगे।
गाय को गुड़-चना खिलाना (सेहत और आयु रक्षा के लिए)
अगर आप लंबे समय से सेहत से जुड़ी समस्याओं या पेट की बीमारियों से परेशान हैं, तो इस गोचर काल में नियमित रूप से (विशेषकर गुरुवार को) गीली चने की दाल और गुड़ अपने हाथों से गाय को खिलाएं गाय की पीठ पर हाथ फेरकर उनका आशीर्वाद लें।

गाय में साक्षात देवताओं का वास होता है इस उपाय से शारीरिक बीमारियां दूर होती हैं और सेहत का वरदान मिलता है।

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Author: sssrknews

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