रात क़ो सोने से पहले क्या करें एवं ब्रह्म मुहूर्त में उठने के लाभ आओ जानें
अच्छी सेहत और गहरी नींद के लिए रात को सही समय पर सोना चाहिए, हल्का भोजन करना गर्म दूध अवश्य पीना चाहिए और सही दिशा व मुद्रा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
स्वस्थ जीवन के मुख्य नियम
समय और रूटीन रोज़ाना एक ही समय पर जल्दी सोने और जल्दी ब्रह्म मुहूर्त में देवताओं के बेला में उठने की आदत डाले।
हर व्यक्ति क़ो कम से कम 7-8 घंटे की नींद लेनी चाहिए।
भोजन का समय सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले हल्का रात का खाना खा लें।
जन्मकुंडली में अष्टम स्थान में राहु हो तो जीवन साथी से मतभेद व ससुराल से अनबन रहती है
जन्मकुंडली के आठवें स्थान में राहु हो तो वाणी से ही अपना बना बनाया कार्य बिगड़ता है । कुटुंब से दूरी होती है
उपाय:- शनिवार को नारियल पर काले धागे की सात गठान बांधकर व अपने ऊपर सात बार उसार कर पानी मे ठंडा करे।
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चाय/कॉफ़ी के सेवन से बचें,स्क्रीन से दूरी सोने से 30-60 मिनट पहले मोबाइल,टीवी या कंप्यूटर बंद कर दे। नीली रोशनी (blue light) नींद के हार्मोन को प्रभावित करती है।
सोने की दिशा और मुद्रा वास्तुशास्त्र और विज्ञान के अनुसार बाईं करवट (left side) सोना सबसे अच्छा माना जाता है,इससे पाचन और ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है।
सिर हमेशा दक्षिण या पूर्व दिशा में रखकर सोना चाहिए,कमरे का माहौल अपने कमरे का तापमान आरामदायक (लगभग 18° से 19° सेल्सियस) और अंधेरा रखें,अपने सभी ईस्ट देव भगवान बड़े बुजुर्गो क़ो प्रणाम करके सोना चाहिए। सिराहने पानी रखें, सुबह उठते ही दोनों हाथों की हतेली देखनी चाहिए फिर पृथ्वी क़ो प्रणाम करें फिर अपने माता पिताजी सभी क़ो राम राम ज़ी कहे,शौचालय आदि से निवृत्त होकर सेर योगा व्यायाम करें,स्नान करें फिर घर के मंदिर में जोत जगाकर हनुमान चालीसा गायत्री मंत्र जप पूजा पाठ आरती भोग लगाकर। बालभोग नास्ता करें और अपने काम क़ो देखें।



