कौन है वह नटराज शिव के नीचे लेटा हुआ बच्चा ?
आपने नटराज शिव की मूर्ति तो हजार बार देखी होगी, पर क्या कभी ध्यान दिया है कि शिव अपने एक पैर के नीचे एक पुरुष को दबाकर नृत्य कर रहे हैं?
ये कोई बच्चा नहीं है।
इसका नाम है – अपस्मार पुरुष।
अपस्मार का अर्थ होता है – विस्मृति, जड़ता, अज्ञान और आलस्य। पुराणों में कहा गया है कि अपस्मार एक ऐसा राक्षस था जो ज्ञान को भुला देता था, ऋषियों की बुद्धि को भी जड़ कर देता था। उसे कोई पराजित नहीं कर पा रहा था।
तब शिव ने नटराज का रूप धारण किया। अपने आनंद तांडव से उन्होंने अपस्मार को परास्त किया, पर मारा नहीं। उसे अपने पैर के नीचे दबा कर रखा।
और यही सबसे बड़ा रहस्य है।
शिव ने अपस्मार का वध क्यों नहीं किया?
क्योंकि अज्ञान को पूरी तरह मारा नहीं जा सकता, उसे वश में रखना पड़ता है। अगर अज्ञान पूरी तरह खत्म हो गया तो ज्ञान का मूल्य ही खत्म हो जाएगा, सृष्टि का संतुलन बिगड़ जाएगा।
नटराज का एक पैर अपस्मार पर है – इसका अर्थ है अज्ञान को नियंत्रण में रखना।
और दूसरा पैर उठा हुआ है – इसका अर्थ है जो अज्ञान को नियंत्रण में रखेगा, उसे ही मुक्ति मिलेगी।
हमारे अंदर भी यही अपस्मार बैठा है – कल करेंगे, आज मन नहीं है, छोड़ो रहने दो। यही जड़ता हमें आगे नहीं बढ़ने देती।
जिस दिन आप इस अपस्मार पर पैर रखकर नाचना सीख गए, उसी दिन आपके जीवन में शिवत्व प्रकट हो जाएगा।
हर हर महादेव!
Diclaimer : इसका हमारी The भारत SSSRK News24x7 समाचार और राष्ट्र दर्शन (सबसे तेज़, सबसे आगे…),
यह एक आंकलन मात्र है…





