छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मंगलवार को हुआ बड़ा रेल हादसा, जिसमें अब तक 11 यात्रियों की मौत हो चुकी है और 20 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसा उस समय हुआ जब एक मेमू पैसेंजर ट्रेन (संख्या 68733) ने रेड सिग्नल तोड़ते हुए आगे बढ़कर मालगाड़ी के पिछले हिस्से से टक्कर मार दी। अब इस दर्दनाक दुर्घटना की प्राथमिक जांच रिपोर्ट में हादसे का कारण सामने आ गया है।
???? हादसे का कारण क्या था?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रेन के लोको पायलट और असिस्टेंट लोको पायलट ने रेड सिग्नल (खतरे का संकेत) के बावजूद ट्रेन को नियंत्रित नहीं किया। रिपोर्ट के अनुसार,
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AJ-5 ऑटो सिग्नल 15:31:29 बजे लाल स्थिति में था।
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लेकिन 15:50:38 बजे ट्रेन इस सिग्नल को पार करते हुए कब्जे वाले सेक्शन A हेड में प्रवेश कर गई।
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ट्रेन ने लगभग 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से मालगाड़ी को पीछे से टक्कर मारी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रेन चालक दल (लोको पायलट और असिस्टेंट लोको पायलट) “ट्रेन को सही समय और तरीके से नियंत्रित करने में विफल” रहे। दोनों चालक हादसे में गंभीर रूप से घायल पाए गए।
???? कैसे हुआ हादसा
यह दुर्घटना मंगलवार शाम करीब 4 बजे बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पास हुई।
मेमू ट्रेन गेवरा (जिला कोरबा) से बिलासपुर की ओर आ रही थी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि पैसेंजर ट्रेन का एक कोच मालगाड़ी के डिब्बे के ऊपर चढ़ गया।
हादसे के बाद रेल यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा।
घायलों को बिलासपुर के अपोलो अस्पताल, छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS) और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
मालगाड़ी का गार्ड समय रहते कूद गया, जिससे उसे मामूली चोटें आईं।
???? मुआवजे की घोषणा
रेलवे प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये,
गंभीर रूप से घायल यात्रियों को 5-5 लाख रुपये,
और मामूली रूप से घायल यात्रियों को 1-1 लाख रुपये की सहायता राशि देने का एलान किया है।
वहीं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी दुर्घटना पर शोक जताते हुए
राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये,
और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
⚠️ जांच जारी
रेलवे और स्थानीय प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंचकर तकनीकी जांच में जुटी हैं।
अधिकारियों का कहना है कि सिग्नलिंग सिस्टम, मानव त्रुटि और सुरक्षा प्रोटोकॉल के हर पहलू की जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।






