भोपाल पुलिस ने नकली नोट छापने वाले एक सक्रिय रैकेट का पर्दाफाश करते हुए उत्तर प्रदेश निवासी विवेक यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने घर में कंप्यूटर, प्रिंटर और स्कैनर की मदद से लंबे समय से फर्जी करेंसी तैयार कर रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से ₹2.25 लाख के तैयार नकली नोट और करीब ₹30 लाख की नकली करेंसी बनाने का कच्चा माल जब्त किया है।
नकली नोट चलाने की सूचना पर पकड़ा गया
शुक्रवार शाम शांति नगर झुग्गी बस्ती के पास एक युवक द्वारा नकली नोटों के इस्तेमाल की सूचना मिली, जिसके बाद पिपलानी पुलिस ने घेराबंदी कर 10वीं पास विवेक यादव को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से ₹500 के 23 नकली नोट बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले प्रिंटिंग प्रेस में काम कर चुका है और उसी अनुभव का इस्तेमाल कर घर में नकली नोट बना रहा था।
घर में बना रखा था मिनी प्रिंटिंग यूनिट
आरोपी की निशानदेही पर जब पुलिस उसके घर पहुंची, तो वहां एक मिनी फेक-करेंसी फैक्ट्री तैयार मिली। पुलिस ने यहां से ₹500 के 428 नकली नोट, कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर, विशेष इंक और नोट निर्माण में उपयोग होने वाली अन्य सामग्री जब्त की। आरोपी अंग्रेजी राइटर्स की किताबें और ऑनलाइन ट्यूटोरियल देखकर नकली नोट बनाने की तकनीक सीख रहा था।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से मंगाता था पूरा सामान
जांच में पता चला कि विवेक पिछले कई महीनों से बाजार में नकली नोट खपा रहा था और नकली नोट बनाने का पूरा सामान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से मंगाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने नकली नोट कहाँ-कहाँ चलाए, उसके नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं और क्या यह गिरोह अन्य शहरों तक फैला है।
एडिशनल डीसीपी गौतम सोलंकी के अनुसार, आरोपी से मिली जानकारी और बरामद सामग्री के आधार पर पूरे रैकेट की गहन जांच जारी है।






