जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने कड़ा बयान देते हुए आरोप लगाया कि उनके पति के साथ बिना किसी कारण अपराधी जैसा व्यवहार किया गया। लद्दाख को राज्य का दर्जा और संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर लेह में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों (जिसमें चार लोगों की मौत और 59 लोग घायल हुए) के दो दिन बाद सोनम को उनके गांव उल्याकटोपो से गिरफ्तार किया गया। उन्हें पुलिस दल ने DGP एस.डी. सिंह जामवाल के नेतृत्व में हिरासत में लेकर जोधपुर सेंट्रल जेल भेजा, जहां मेडिकल जांच के बाद उन्हें हाई-सिक्योरिटी वार्ड में रखा गया है।
केंद्र ने वांगचुक को ठहराया जिम्मेदार
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार की हिंसा के लिए वांगचुक के ‘‘भड़काऊ बयानों’’ को जिम्मेदार माना है। हालांकि वांगचुक ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया। उनकी पत्नी और हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख (HIAL) की सह-संस्थापक गीतांजलि ने गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा कि सरकार झूठा नैरेटिव बनाकर उनके पति की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने घर में तोड़फोड़ की और सोनम को गलत तरीके से ‘‘राष्ट्रविरोधी’’ के रूप में पेश किया जा रहा है।
“यह लोकतंत्र का सबसे बुरा रूप”
गीतांजलि ने कहा, “यह लोकतंत्र का सबसे बुरा रूप है। बिना सुनवाई, बिना किसी कारण के, उन्हें अपराधी की तरह पकड़ा गया।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर सोनम की प्रतिष्ठा धूमिल कर रही है। गीतांजलि ने कहा, “जो व्यक्ति वर्षों से शांतिपूर्ण आंदोलन चला रहा है और जिसने पर्यावरण, कृषि और शिक्षा के क्षेत्र में देश को वैश्विक पहचान दिलाई, उसके साथ ऐसा व्यवहार करना विश्वगुरु बनने के सपने का मजाक है।”
भाजपा पर हमला
गीतांजलि ने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह खुद को हिंदू न कहे, क्योंकि हिंदुत्व की बुनियाद सत्य है। खुद को धर्मनिष्ठ हिंदू बताते हुए उन्होंने भाजपा की विचारधारा को ‘‘झूठ पर आधारित’’ बताया और कहा, “यह वह भारत नहीं है जिसका सपना श्री अरविंदो ने देखा था, और न ही वह हिंदू धर्म है जिसकी चर्चा वेद और वेदांत में है।”
‘लाइव बहस’ की चुनौती
गीतांजलि ने सरकार के किसी भी प्रतिनिधि को खुली बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि विदेशी चंदा विनियमन अधिनियम (FCRA) और सीबीआई जांच से जुड़े मुद्दों पर सरकार चाहे तो प्राइम टाइम टीवी पर उनसे लाइव बहस कर सकती है। उनका कहना था कि सोनम वांगचुक के खिलाफ लगाए गए आरोप अस्पष्ट और तथ्यहीन हैं।






