मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों और कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस वर्ष दीपावली “स्वदेशी की भावना” के साथ मनाई जाए। योगी ने कहा, “स्वदेशी हो दीपावली” केवल नारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और सशक्त उत्तर प्रदेश की दिशा में सामूहिक संकल्प है। हर परिवार त्योहारों पर खरीदारी करता है, और इस बार लोगों को स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
कानून-व्यवस्था पर सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी वरिष्ठ अधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी धरातल पर उतरकर स्थिति की निगरानी करें। उन्होंने उल्लेख किया कि बीते माह दुर्गा पूजा, मिशन शक्ति और दशहरा जैसे बड़े आयोजनों का सफल आयोजन प्रशासन और पुलिस की कुशलता का प्रमाण है। अब दीपावली और अन्य पर्वों में भी यही सतर्कता और कार्यकुशलता दिखाई जानी चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिया कि अराजक तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए और कानून-व्यवस्था से छेड़छाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
त्योहारों की श्रृंखला में सजगता जरूरी
योगी ने कहा कि अक्टूबर और नवंबर में नरक चतुर्दशी, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज और छठ जैसे त्योहार मनाए जाएंगे। ये केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी लोक-संस्कृति और सामूहिक चेतना के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि सभी पर्व शांति, सुरक्षा और उल्लास के साथ संपन्न हों।
उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव और काशी की देव दीपावली अब राष्ट्रीय पहचान बन चुके हैं, जिनमें लाखों श्रद्धालु और पर्यटक शामिल होते हैं। ऐसे आयोजनों में यातायात, सुरक्षा और व्यवस्थाओं की निगरानी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, “जब लाखों दीप अयोध्या में जलते हैं और काशी के घाट जगमगाते हैं, तो यह दृश्य पूरी दुनिया को आकर्षित करता है—इन पावन क्षणों में किसी भी प्रकार का व्यवधान अस्वीकार्य है।”
पुलिस और खुफिया तंत्र रहें सतर्क
मुख्यमंत्री ने आगाह किया कि त्योहारों के दौरान असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए खुफिया तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए और पुलिस बल हर स्तर पर अलर्ट मोड में रहे। उन्होंने दोहराया कि प्रदेश में शांति और सौहार्द्र बिगाड़ने वालों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए।
दीपावली पर पर्यावरण और सुरक्षा के निर्देश
योगी ने कहा कि दीपावली पर लक्ष्मी प्रतिमा का विसर्जन नदियों के बजाय तालाबों में कराया जाए ताकि नदियों की स्वच्छता और पवित्रता बनी रहे।
पटाखों की दुकानें और गोदाम आबादी से दूर रखे जाएं, विक्रेताओं को समय पर लाइसेंस और एनओसी दी जाए, और हर बिक्री स्थल पर फायर टेंडर की व्यवस्था हो।
उन्होंने निर्देश दिया कि हानिकारक पटाखों की बिक्री और उपयोग पर सख्त निगरानी रखी जाए तथा उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई हो।
मिलावटी खाद्य पदार्थों पर रोक
मुख्यमंत्री ने एफएसडीए और जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि दूध, खोआ, मिठाई, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट न हो। उन्होंने कहा कि जांच तेजी से हो, पर किसी व्यापारी का उत्पीड़न न किया जाए। दोषी पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
सोशल मीडिया पर सख्त निगरानी
योगी ने अधिकारियों से कहा कि सोशल मीडिया पर जातीय या धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली पोस्ट करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। ड्रोन अफवाहों पर रोक के लिए गृह विभाग को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने यह भी कहा कि जुम्मे की नमाज के बाद विशेष सतर्कता रखी जाए ताकि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा, “माताएं और बहनें हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं — उनकी सुरक्षा और गरिमा हर हाल में सुनिश्चित की जाए।”
“स्वदेशी मेले” और सफाई अभियान
योगी ने निर्देश दिया कि धनतेरस और दीपावली के अवसर पर 10 अक्टूबर से प्रत्येक जिले में स्वदेशी मेलों का आयोजन किया जाए, ताकि लोग स्वदेशी उत्पाद खरीदने के लिए प्रेरित हों और विक्रेताओं को प्रोत्साहन मिले। उन्होंने कहा, “गर्व से कहो यह स्वदेशी है” की भावना जन-जन तक पहुंचनी चाहिए।
साथ ही नगर निकायों और जिला प्रशासन को त्योहारों से पहले सफाई अभियान चलाने, सड़कों-गलियों को स्वच्छ व रोशन रखने, जलभराव की समस्या दूर करने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक स्थलों और पूजा स्थलों पर यातायात व्यवस्था इस तरह की जाए कि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। पुलिस और यातायात विभाग मिलकर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।






