भोपाल पुलिस मुख्यालय में फर्जी मेडिकल बिल घोटाला, तीन कैशियर पुलिसकर्मी गिरफ्तार — 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी का पर्दाफाश
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस मुख्यालय से बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां तैनात तीन पुलिसकर्मियों ने फर्जी मेडिकल बिल तैयार कर विभाग से करीब 10 लाख रुपये का भुगतान अपने खातों में ट्रांसफर करा लिया। इस मामले में डीएसपी ओपी मिश्र की शिकायत पर धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज किया गया है।
तीनों आरोपी पुलिसकर्मी गिरफ्तार
जहांगीराबाद थाना प्रभारी चतुर्भुज राठौर ने बताया कि गिरफ्तार पुलिसकर्मियों की पहचान हर्ष, नीरज और राजपाल ठाकुर के रूप में हुई है। तीनों पुलिस मुख्यालय में कैशियर पद पर तैनात थे। जांच में सामने आया कि तीनों ने आपसी मिलीभगत से तीन अलग-अलग नामों पर फर्जी इलाज के बिल बनवाए और उन्हें पास कराकर रकम हड़प ली।
ऐसे हुआ खुलासा
मामले का भंडाफोड़ तब हुआ जब मेडिकल बिलों की नियमित जांच के दौरान कई दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। जांच अधिकारियों ने जब संबंधित अस्पतालों से मरीजों की पुष्टि की, तो पता चला कि ऐसे किसी मरीज का कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है।
दर्ज हुआ मामला
प्रारंभिक जांच के बाद डीएसपी मिश्र ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार कराई। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत केस दर्ज किया है। फिलहाल फर्जी दस्तावेज जब्त कर आगे की जांच जारी है।






