वॉशिंगटन: Donald Trump को अदालत से एक और बड़ा झटका लगा है। टैरिफ को अवैध ठहराए जाने के बाद अब उनकी ‘थर्ड कंट्री’ डिपोर्टेशन पॉलिसी को भी फेडरल कोर्ट ने गैरकानूनी करार दे दिया है। अदालत ने इस नीति को रद्द करने का आदेश जारी किया।
सुप्रीम कोर्ट करेगा अंतिम फैसला
मैसाचुसेट्स के यूएस डिस्ट्रिक्ट जज Brian E. Murphy ने बुधवार को यह फैसला सुनाया। हालांकि उन्होंने अपने आदेश को 15 दिनों के लिए स्थगित रखा है, ताकि सरकार अपील कर सके। मामला पहले से ही Supreme Court of the United States में लंबित है, जहां इस पर अंतिम निर्णय होगा।
जज मर्फी ने उल्लेख किया कि पिछले वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन के पक्ष में निर्णय दिया था, जिससे दक्षिण सूडान भेजे जा रहे प्रवासियों की उड़ान को अनुमति मिली थी।
‘अर्थपूर्ण नोटिस’ जरूरी
अपने फैसले में जज मर्फी ने कहा कि होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) की नीति के तहत प्रवासियों को किसी तीसरे देश भेजने से पहले “अर्थपूर्ण नोटिस” और आपत्ति दर्ज करने का उचित अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने टिप्पणी की कि मौजूदा नीति वैध कानूनी चुनौतियों को समाप्त कर देती है, क्योंकि निर्वासन प्रक्रिया आपत्ति से पहले ही लागू कर दी जाती है।
प्रशासन पर आदेश उल्लंघन का आरोप
मर्फी ने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन ने पूर्व में अदालत के आदेशों का उल्लंघन किया है या करने का प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में प्रवासियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना अल सल्वाडोर और मैक्सिको भेज दिया गया।
डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति Joe Biden द्वारा नियुक्त जज मर्फी के अनुसार, डीएचएस की यह नीति उन प्रवासियों को भी प्रभावित करती है जिन्हें अपने मूल देश में उत्पीड़न या यातना के खतरे के कारण सुरक्षा दी गई थी।
इस फैसले के बाद ट्रंप प्रशासन के लिए कानूनी चुनौतियां और बढ़ गई हैं, जबकि अंतिम निर्णय अब सुप्रीम कोर्ट के हाथ में है।






