आज डॉ की बड़ी खराब आदत हो गई, मरीज से उसकी बिमारी पूछते हैं टेस्ट लिख देते टेस्ट में कुछ नहीं निकला तो सामान्य दर्द मिनरल्स विटामिंस की दवा लिखकर छोड़ देते हैं। खुद से बिमारी की सही कारण जानकर उसे ठीक करने की कोशिश ही नहीं करते, नतीजा ये होता है मरीज जब तक दवा खाता है आराम रहता दवा बंद करते ही उसे फिर समस्या होने लगती हैं। क्योंकि बीमारी की वजह ठीक करने की डॉक्टर ने कभी कोशिश ही नहीं की। ऐसा ही एक केस आया मेरे पास।
एक लड़की 10 दिन पहले मेरे पास आई थी इसकी कमर घुटने में दर्द था,कभी कभी एड़ी पैरो से ऊपर की ओर,या कमर से नीचे की ओर 1, 2 सेकंड के लिए अचानक झनझनाहट होती थी,डॉ को दिखाया कुछ नहीं निकला डॉक्टर ने दवा देकर छोड़ दिया जब तक दवा खाती आराम रहता दवा बंद करते ही फिर से परेशानी होने लगती,
मेरे पास आई जब मैंने हथेली तलवों को देखा तो पूछा कभी गिरी हो चोट लगी है, तो बोली नहीं हमने कहा याद करो 10 15 20 साल पीछे जाओ, तो बताया बचपन में एक बार बरसात में पैर स्लिप हो गया था तो गिर गई थी,
हमने कहा तुमको ये दर्द जो अब उठा है वो वही चोट लगने की वजह से हुआ है, उसको होम्योपैथिक हेयर एनर्जी ट्रीटमेंट दिया साथ में हमने इसको पेन से निशाना बनाकर,मेथीदाना पॉइंट पर लगा कर दिया बोल 10 दिन बाद आना तब देखते हैं दर्द ठीक हो जाएगा तो फिर लगाने की जरूरत नहीं।
आज आई मैंने पूछा दर्द झनझनाहट में कितना आराम हुआ, तो बोली वो तो पहले दिन ही कम हो गया था तीसरे दिन से बिल्कुल आराम है,फिर मैंने पैर देखा पूछा दर्द ठीक हो गया टेप निकाल देती,पैर इतने गंदे कैसे है तो बोली आंटी हम सोचे गीली होकर मेथी टेप निकल गई मैं फिर से सही जगह पर नहीं लगा पाई तो इसलिए मैंने दस दिन से पैर पर पानी ही नहीं डाला,
मैंने उसके एक थप्पड़ मारा कहा बेवकूफ लडकी, जब पेन से निशाना बनाया था तो कैसे जगह भूल जाती है, और जब दर्द ठीक हो गया तो इतने दिन लगाने की जरूरत नहीं थी,
आप लोग भी याद रखें फार्मूले भी तभी तक इस्तेमाल किए जाते हैं जब तक शरीर में तकलीफ है ठीक हो जाए फिर नहीं, क्योंकि कलर थेरेपी नम्बर थैरेपी, एक्यूप्रेशर, मेग्नेट न्यूरोथैरपी के सारे फार्मूले भी दवा जैसे ही होते हैं। चाहे गैस का ही फार्मूला हो,जब गैस बने तभी लेफ्ट साइड 511 लिखे ब्लू डार्ट पेंन से, हमेशा न लिखे रहे।
दूसरे आप लोग भी ये पॉइंट देखें अगर यहां पर एडी के ऊपर एंकल के नीचे,हल्का गहरा या हल्का ऊभरा दिख रहा है, तो भले आज आपको याद नहीं है पर शरीर पर चोट का असर है। यहां पर आप मेथीदाना लगा ले शरीर के अंदर चोट का असर खत्म हो जाएगा।। उस चोट के असर से शरीर में कहीं दर्द या कोई समस्या हो रही होगी।वो भी खत्म हो जायेगी।
नहीं तो अगर आपको चोट के असर से कोई समस्या हो रही है और आप समझ नहीं पा रहे हैं उसका कितना भी इलाज कराएंगे ठीक नहीं होगी जब तक दवा खाएंगे तब तक ठीक रहेंगे। चोट के असर से हुई बीमारी को ठीक करना है तो पहले चोट के असर को खत्म करें। और ऐसा नहीं है कि 20 साल पहले कोई चोट लगी है तो जब तक उसे पर सही ट्रीटमेंट नहीं होगा तब तक वह असर शरीर में रहेगा।।
मैं चार क्लीनिक दो मंदिर दो आश्रम में मरीज देखने, ऑनलाइन फोन से इलाज लेने वाले मरीजों से बात करने,घर की जिम्मेदारी निभाने के बाद अपने व्यस्त जीवन से वक्त निकालकर सिर्फ आप लोगों के भले के लिए लिखती हूं
तो आप लोगों का भी फ़र्ज़ है कमेंट करके मेरा उत्साहवर्धन करें, पोस्ट को शेयर करें जिससे और लोगों का भी भला हो सके।
साभार : हीलर स्वर्णिमा अग्निहोत्री






