1- Shyam Rasoi
गाजियाबाद की ‘श्याम रसोई’ आज के दौर में इंसानियत की जीती-जागतिक मिसाल बन चुकी है। जहाँ महंगाई आसमान छू रही है, वहाँ मात्र 1 रुपये में दाल, सब्जी, चावल और रोटी वाली भरपेट थाली परोसना किसी इबादत से कम नहीं है।
यह सिर्फ एक भोजन की थाली नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए एक सहारा है जिन्हें दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करना पड़ता है। यहाँ भोजन के साथ ‘सेवा’ और ‘अपनापन’ भी परोसा जाता है। अगर आप गाजियाबाद में हैं, तो इस नेक पहल का हिस्सा जरूर बनें और इस सेवा भाव को अपना समर्थन दें। क्योंकि असली सुकून किसी भूखे का पेट भरने में ही है
2- निशुल्क सेवा समिति
गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए आयोजित इस फ्री भोजन सेवा में सैकड़ों लोगों को गरमा-गरम खाना परोसा गया। बड़े-बड़े बर्तनों में कढ़ी, चावल, मटर पनीर की सब्जी और रोटियां बनाकर लोगों को प्रेम और सम्मान के साथ खिलाया गया।
कई सारे लोगों की टीम लगातार लाइन में लगे लोगों को खाना बांट रही थी ताकि कोई भी भूखा न रहे।
सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है
इनका कहना है हमारी कोशिश है कि हर जरूरतमंद तक भरपेट भोजन पहुंचे और चेहरे पर मुस्कान आए
3- ग़रीब भाइयो के मसीहा
ग़रीब भाइयों के मसीहा
समाज सेवा की एक अनूठी मिसाल पेश करते हुए, वे बिना किसी डोनेशन या चंदे के, पूरी तरह अपनी निजी आय से रोजाना 1000 से ज्यादा ज़रूरतमंद लोगों को सम्मान के साथ मुफ्त भोजन कराते हैं।
उनका यह निस्वार्थ संकल्प साबित करता है कि अगर इरादा नेक हो, तो बिना किसी बाहरी मदद के भी दुनिया में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। भूखों को सहारा देने का यह जज्बा उन्हें सच में मानवता का मसीहा बनाता है।






