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15 अप्रैल प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि: पूजा विधि, उपाय और खास मंत्र

प्रदोष व्रत मासिक शिवरात्रि व्रत 15 अप्रैल क़ो कैसे करें आओ जानें

हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत एवं मासिक शिवरात्रि का व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 15 अप्रैल, बुधवार को प्रदोष व्रत है। इस दिन शाम क़ो भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। प्रदोष पर व्रत व पूजा कैसे करें और इस दिन क्या उपाय करने से आपका भाग्योदय हो सकता है।
ऐसे करें व्रत व पूजा
– प्रदोष व्रत के दिन संध्या बेला मेँ स्नान करने के बाद भगवान शिव जी,गणेश पार्वतीजी कार्तिकेय और नंदी नाग देवता को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराएं।
– इसके बाद बेल पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान को चढ़ाएं।
– पूरे दिन निराहार (संभव न हो तो एक समय फलाहार) कर सकते हैं) इसी तरह से शिव परिवार की पूजा करें।
– भगवान शिवजी को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं। आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं।
– भगवान शिवजी की आरती करें। भगवान को प्रसाद चढ़ाएं और उसीसे अपना व्रत भी तोड़ें।उस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।
ये उपाय करें
सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्ध्य देें। पानी में आकड़े के फूल जरूर मिलाएं। आंकड़े के फूल भगवान शिवजी को विशेष प्रिय हैं । ये उपाय करने से सूर्यदेव सहित भगवान शिवजी की कृपा भी बनी रहती है और भाग्योदय भी हो सकता है।

कुण्डली में आर्थिक, मानसिक परेशानियों और नकारात्मक प्रभावों के लिए कोनसे ग्रह और दोष जिम्मेदार हो सकते हैं

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ज्योतिष के अनुसार, इन समस्याओं के पीछे ग्रह-नक्षत्रों की अशुभ स्थिति होती है यहाँ कुछ प्रमुख ग्रह और उनसे जुड़े दोषों के बारे में जानकारी दी गई है:
आर्थिक और मानसिक समस्याओं के लिए जिम्मेदार ग्रह।

राहु और केतु
राहु और केतु को छाया ग्रह माना जाता है और इनका प्रभाव अक्सर नकारात्मक होता है।

प्रभाव: राहु भ्रम, मानसिक तनाव और अनिश्चितता का कारण बनता है वहीं, केतु मानसिक बीमारी और भय से जुड़ा हुआ है।
योग: जब कुंण्डली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं, तो कालसर्प दोष बनता है, जिससे जीवन में संघर्ष बढ़ जाता है।

शनि और मंगल
प्रभाव: शनि को देरी और कठिनाइयों का ग्रह माना जाता है, जबकि मंगल भी आर्थिक समस्याओं और अन्य नकारात्मक प्रभावों से जुड़ा है।
योग: शनि और मंगल की अशुभ स्थिति भी आर्थिक तंगी का कारण बन सकती है जब शनि और चंद्रमा की युति मंगल से दृष्ट होती है, तो मानसिक समस्याएं हो सकती हैं।

चंद्रमा
प्रभाव: चंद्रमा मन और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है यदि चंद्रमा कमजोर या पीड़ित हो, तो व्यक्ति मानसिक अस्थिरता और अवसाद का शिकार हो सकता है।

प्रमुख दोष और उनके उपाय
पितृ दोष
यह दोष तब बनता है जब पूर्वजों की आत्माएं असंतुष्ट होती हैं.
ग्रह: सूर्य (पिता का कारक) और मंगल (रक्त का कारक) के पीड़ित होने पर पितृ दोष का निर्माण होता है ऐसा तब होता है जब सूर्य या मंगल का संबंध पाप ग्रहों (शनि, राहु, केतु) से होता है.
लक्षण: घर में कोई न कोई व्यक्ति बीमार रहता है, कारोबार में घाटा होता है और परिवार में कलह रहती है।

उपाय:
हर अमावस्या को पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और शाम को दीपक जलाएं।
पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध कर्म करें
भगवान शिव पर काले तिल मिलाकर जल चढ़ाएं।
अमावस्या पर ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दान-दक्षिणा दें।
कालसर्प दोष
यह दोष तब बनता है जब सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं.
लक्षण: जीवन के हर क्षेत्र में परेशानी, बुरे सपने और मन में अज्ञात भय।

उपाय:
भगवान शिव की पूजा करें, विशेषकर त्र्यंबकेश्वर या नागेश्वर ज्योतिर्लिंग में।
सोमवार और शनिवार को काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर जल चढ़ाएं
नाग पंचमी के दिन नाग-नागिन के जोड़े की पूजा करें और उन्हें नदी में प्रवाहित करें।
चांदी के नाग-नागिन के जोड़े का दान करें।
आर्थिक और मानसिक समस्याओं के सामान्य उपाय
आर्थिक तंगी से मुक्ति:
नियमित रूप से मां लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा करें।
शिवलिंग पर जल चढ़ाएं.
शुक्रवार को कमल का फूल चढ़ाएं और कुबेर यंत्र स्थापित करें।
जानवरों और पक्षियों को भोजन खिलाएं।
मानसिक शांति:
योग और ध्यान का अभ्यास करें।
नियमित रूप से ‘ओम नमः शिवाय’ का जाप करें।
सकारात्मक सोचें और बनावटी व्यवहार से बचें.
अपने आराध्य की भक्ति करें।

कर्ज-मुक्ति के लिए मासिक शिवरात्रि
15 अप्रैल 2026 बुधवार को मासिक शिवरात्रि है रात क़ो करें शिव जी की पूजा
हर मासिक शिवरात्रि को सूर्यास्‍त के समय घर में बैठकर अपने गुरुदेव का स्मरण करके शिवजी का स्मरण करते- करते ये 17 मंत्र बोलें, जिनके सिर पर कर्जा ज्यादा हो, वो शिवजी के मंदिर में जाकर दिया जलाकर ये 17 मंत्र बोले।इससे कर्जा से मुक्ति मिलेगी
1).ॐ शिवाय नम:
2).ॐ सर्वात्मने नम:
3).ॐ त्रिनेत्राय नम:
4).ॐ हराय नम:
5).ॐ इन्द्र्मुखाय नम:
6).ॐ श्रीकंठाय नम:
7).ॐ सद्योजाताय नम:
8).ॐ वामदेवाय नम:
9).ॐ अघोरह्र्द्याय नम:
10).ॐ तत्पुरुषाय नम:
11).ॐ ईशानाय नम:
12).ॐ अनंतधर्माय नम:
13).ॐ ज्ञानभूताय नम:
14). ॐ अनंतवैराग्यसिंघाय नम:
15).ॐ प्रधानाय नम:
16).ॐ व्योमात्मने नम:
17).ॐ युक्तकेशात्मरूपाय नम:
आर्थिक परेशानी से बचने हेतु
हर महीने में शिवरात्रि (मासिक शिवरात्रि – कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी) को आती है | तो उस दिन जिसके घर में आर्थिक कष्ट रहते हैं वो शाम के समय या संध्या के समय जप-प्रार्थना करें एवं शिवमंदिर में दीप-दान करें ।
और रात को जब 12 बज जायें तो थोड़ी देर जाग कर जप और एक श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें।तो आर्थिक परेशानी दूर हो जायेगी।
प्रति वर्ष में एक महाशिवरात्रि आती है और हर महीने में एक मासिक शिवरात्रि आती है। उस दिन शाम को बराबर सूर्यास्त हो रहा हो उस समय एक दिया पर पाँच लंबी बत्तियाँ अलग-अलग उस एक में हो शिवलिंग के आगे जला के रखना |बैठ कर भगवान शिवजी के नाम का जप करना प्रार्थना करना, | इससे व्यक्ति के सिर पे कर्जा हो तो जल्दी उतरता है, आर्थिक परेशानियाँ दूर होती है ।

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Author: sssrknews

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