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महिला आरक्षण पर सरकार की बड़ी तैयारी, 2029 तक लागू करने हेतु संशोधन बिल लाने की योजना

नई दिल्ली: संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने के मुद्दे पर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के नाम एक पत्र लिखकर इस पहल को आवश्यक बताया, जबकि विपक्ष ने सरकार की मंशा और प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि 2029 तक लोकसभा और विधानसभा चुनाव पूर्ण महिला आरक्षण के साथ कराए जाते हैं, तो भारतीय लोकतंत्र और अधिक सशक्त और समावेशी बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं, इसलिए विधायी संस्थाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाना समय की मांग है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “बेटियों को उनके अधिकारों के लिए इंतजार नहीं कराया जा सकता।”

संसद का विशेष सत्र बुलाया गया
सरकार 2023 में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ ला चुकी है, लेकिन वर्तमान प्रावधानों के चलते 2029 तक इसे लागू करना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था। इसी वजह से अब सरकार इस कानून में संशोधन करने की तैयारी कर रही है और इसके लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। इस बीच तृणमूल कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि संसद की प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। पार्टी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि सत्र शुरू होने से पहले संविधान संशोधन की प्रति सांसदों को समय पर नहीं दी गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि महिलाओं के अधिकारों की आवाज सबसे पहले ममता बनर्जी ने उठाई थी, और अब बीजेपी उसी का अनुसरण कर रही है। हालांकि, कुछ समय बाद सभी सांसदों को संशोधन की प्रति उपलब्ध करा दी गई।

तीन अहम विधेयक पेश करने की तैयारी
सरकार इस सत्र में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की योजना बना रही है। पहला विधेयक परिसीमन आयोग के गठन से जुड़ा है। दूसरा विधेयक लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने से संबंधित है, जिसके तहत कुल सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है—जिसमें 815 सीटें राज्यों और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए होंगी। लंबे समय से परिसीमन प्रक्रिया पर लगी रोक को हटाने का रास्ता भी इसी विधेयक से साफ होगा। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण विधेयक महिला आरक्षण को लागू करने से संबंधित है, जिसमें 33% आरक्षण 15 वर्षों के लिए देने का प्रावधान किया गया है। इसके बाद सीटों का आवंटन रोटेशन के आधार पर किया जाएगा।

कुल मिलाकर, सरकार महिला आरक्षण को जल्द लागू करने की दिशा में बड़े कदम उठा रही है, लेकिन इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस भी तेज होती जा रही है।

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Author: sssrknews

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